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Friday, April 23, 2021

ऑक्सीजन संकट- जिंदगियां बचाने के लिये अब इन उद्योगपतियों ने बढाया हाथ, बड़ा ऐलान

 

ऑक्सीजन संकट- जिंदगियां बचाने के लिये अब इन उद्योगपतियों ने बढाया हाथ, बड़ा ऐलान

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देश में हाहाकार मचा रखा है, रोजाना कोरोना के केस नया रिकॉर्ड बना रहे हैं, इस बीच भारत ऑक्सीजन की कमी के संकट का भी सामना कर रहा है, कई संक्रमितों को तो ऑक्सीजन की कमी की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है, इस गंभीर संकट की घड़ी में कई उद्योगपतियों तथा कंपनियों ने मदद के लिये हाथ आगे बढाया है, इनमें रतन टाटा, मुकेश अंबानी, नवीन जिंदल जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं, सरकारी कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक भी आगे आई है, आइये आपको बताते हैं कि कौन सी कंपनी और उद्योगपति कैसे मदद दे रहे हैं।


रिलायंस इंडस्ट्रीज
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी जामनगर रिफाइनरी में रोजाना 700 टन से ज्यादा चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है, ये ऑक्सीजन कोरोना से बुरी तरह प्रभावित राज्यों में मुफ्त में दी जा रही है, कंपनी की जामनगर रिफाइनरी में शुरुआत में 100 टन चिकित्सा स्तर का ऑक्सीजन का उत्पादन किया था, जिसे बाद में बढाकर 700 टन कर दिया गया, सूत्रों के मुताबिक कोरोना संक्रमण से जूझ रहे गुजरात, महाराष्ट्र, और एमपी जैसे राज्यों को की जा रही ऑक्सीजन की आपूर्ति से प्रतिदिन गंभीर रुप से घायल 70 हजार से ज्यादा रोगियों को राहत मिलेगी, जल्द ही कंपनी चिकित्सा ग्रेड की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता बढाकर 1 हजार टन करने की योजना बना रही है। आपको बता दें कि जामनगर रिफाइनरी में चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होता है, इस रिफानरी में कच्चे तेल को डीजल, पेट्रोल, और विमान ईंधन में बदला जाता है, लेकिन कोरोना के मामलों में जिस तेजी से वृद्धि हुई है, तथा ऑक्सीजन की मांग बढी है, उसे देखते हुए रिलायंस ने ऐसी मशीनरी लगाई है, जिससे चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन संभव हो पाया है, ऑक्सीजन की ढुलाई विशेष टैंकरों में शून्य से नीचे (माइनस)183 डिग्री सेल्सियस पर जा रही है और परिवहन लागत सहित ऑक्सीजन को राज्य सरकारों को बिना किसी लागत के दिया जा रहा है।
SAIL ने की 35 हजार टन की सप्लाई
सरकारी कंपनी SAIL अब तक 35 हजार टन से ज्यादा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई कर चुकी है, कंपनी ने दो दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि वो कोरोना रिलीज के लिये 99.7 फीसदी शुद्धता वाली 35 हजार टन से ज्यादा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई कर चुकी है, सेल ने बोकारो, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर और बर्नपुर स्थित अपने स्टील प्लांट्स से ये आपूर्ति की है, इस्पात मंत्रालय के अनुसार सरकारी तथा निजी क्षेत्र की स्टील कंपनियों के 28 ऑक्सीजन प्लांट रोजाना 1500 टन ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं।
टाटा ग्रुप
टाटा ग्रुप ने कहा कि वो लिक्विड ऑक्सीजन ले जाने के लिये 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात कर रहा है, साथ ही देश में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में मदद करेगा, ऑक्सीजन संकट को कम करने के लिये चार्टर्ड उड़ानों के जरिये क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात किया जा रहा है। क्रायोजेनिक कंटेनर को लिक्विड सिलेंडर भी कहा जाता है। इसके अलावा जेएलपीएल कॉरपोरेट, जेएसडब्ल्यू स्टील, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, ऑर्सेलर भी मदद के लिये आगे आई है।

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