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Thursday, March 11, 2021

जब जेल में शिवरात्रि का व्रत ना रखकर पछताए थे आडवाणी, जेलर से बोलना पड़ा था झूठ

 

जब जेल में शिवरात्रि का व्रत ना रखकर पछताए थे आडवाणी, जेलर से बोलना पड़ा था झूठ

साल 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बंद करने की मांग उठी थी । उस दौरान देशभर से संघ के कार्यकर्ताओं को जेल में बंद कर दिया गया। 4 फरवरी 1948 को संघ प्रचारक रहे लाल कृष्ण आडवाणी भी सहयोगियों के साथ अलवर जेल में बंद कर दिए गए । जेल में अपने 3 महीने प्रवास के दौरान, आडवाणी शिवरात्रि का व्रत ना रख कर बहुत पछताए थे। ये बात उन्‍होंने अपनी किताब में लिखी है । जानें क्‍या था पूरा मामला ।

खाना था चुनोती
दरअसल जेल में सिर्फ दो वक्त का ही खाना मिलता था, 3 पतली रोटियां और पानी जैसी दाल । लाल कृष्ण आडवाणी के लिए जेल में खाने को लेकर ही सबसे बड़ी चुनौती यही थी। उसी दौरान एक दिन जेलर ने लाल कृष्ण आडवाणी को अपने केबिन में बुलाया और कहा कि, ‘कल शिवरात्रि है। जेल में लगभग सभी कैदी उपवास रखेंगे। क्या आप और आपके साथी भी व्रत रखेंगे?’ आडवाणी ने कहा कि वह अपने साथियों से बात कर आपको बता देंगे।

जेलर को कह दिया ना …
आडवाणी ने अपने सहयोगियों से इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि जेल में जिस तरह का खाना मिलता है, उस हिसाब से तो रोज ही हमारा उपवास चल रहा है फिर व्रत किस बात का रखें। तो उन सबने जेलर को ना बोल दिया। जब अगले दिन सुबह 11 बजे खाने के लिए घंटी बजी तो सिर्फ आडवाणी और उनके दोस्त ही कैंटीन में खाने पहुंचे। शाम को 5 बजे फिर से खाने की घंटी बजी। आडवाणी का गुट ये घंटी सुन चौंक गया क्योंकि खाने का टाइम तो रात 8 बजे होता है। आडवाणी और उनके साथी घंटी की आवाज सुन कैंटीन की तरफ पहुंचे तो देखा कि व्रत रखने वाले सारे कैदियों के लिए स्वादिष्ट हलवे का इंतजाम किया गया है। हलवा देख आडवाणी को बहुत पछतावा हुआ कि हम लोगों ने व्रत क्यों नहीं रखा।

जेलर को कही ऐसी बात
जब हलवा देख आडवाणी और उनके दोस्‍तों का मन पिघला तो वो अपने दोस्तों के साथ जेलर के पास पहुंचे औऱ उनसे कहा कि हम लोग कल शिवरात्रि का व्रत रखेंगे। जेलर ने कहा कि शिवरात्रि तो आज है, फिर कल क्यों? इसपर आडवाणी के एक दोस्त ने कहा कि जो शैव होते हैं उनके लिए आज है, हम लोग वैष्णव हैं, हमारे लिए कल है। जेलर ने ये मजेदार तर्क सुना तो उनकी हंसी छूट गई। उन्होंने आडवाणी से मुस्कुराते हुए कहा कि आप लोगों को हलवा खाना है तो मैं व्यवस्था करवा रहा हूं। इसके लिए उपवास करने की कोई जरूरत नहीं है। लाल कृष्ण आडवाणी ने ये पूरा किस्‍सा अपनी बायोग्राफी ‘माय कंट्री माय लाइफ’ में बताया है ।

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