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Saturday, March 27, 2021

हार्दिक पंड्या को लोग समझते थे ढाबे का नौकर, भाई क्रुणाल के सामने स्टार खिलाड़ी ने खोले राज

 


हर सफल शख्स के पीछे बहुत सारे संघर्ष और चुनौतियां होती हैं. जिन्हें पार करने के बाद ही वह अपने जीवन में एक मजबूत खिलाड़ी बन पाता है. ऐसी कई हस्तियां हैं जिन्हें एक दौर में कोई नहीं जानता था और परिवार की आर्थिक स्थिति में कमजोर हुआ करती थी. मगर आज उन हस्तियों की मिसाल दी जाती है. ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya). जिन्हें बचपन में लोग नौकर समझते थे. इसका खुलासा खुद हार्दिक और उनके बड़े क्रुणाल पंड्या ने किया है.

काला रंग बना परेशानी
दरअसल, टीम इंडिया के ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) को बचपन से अपने काले रंग के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. इसका खुलासा हार्दिक ने गौरव कपूर (Gaurav Kapoor) के यूट्यूब (YouTube) शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैम्पियंस’ के इंटरव्यू में किया.इस इंटरव्यू में उनके भाई क्रुणाल भी थे और वह भी बोले कि रंग के कारण हार्दिक को काफी दिक्कत हुई है. रंग के अलावा इस इंटरव्यू में दोनों भाईयों ने कुछ ऐसी भी खास बातें बताई जिनसे उनके फैंस अब तक हैरान थे.

भाई से ज्यादा टैलेंटेड थे हार्दिक
शो में क्रुणाल ने अपने भाई की आदत के बारे में बताया कि, ‘यह अब भी बोलता है कि मेरे पास तो टैलेंट था. मैं तो दिखता हूं, लेकिन तेरे से कभी उम्मीद नहीं की थी.’ इस पर हार्दिक ने बोला कि जो बात मुझे 17 साल की उम्र में समझ आ गई थी वही बात इन्हें 22 साल की उम्र में आई. तो क्रुणाल ने अपने भाई की बात पर सहमति जताई और कहा कि, ‘किसी भी इंसान के लिए उस सच का अहसास होना बहुत जरूरी है. वह जब अहसास होता है तो दो चीजें ही संभव है. एक यह कि इंसान स्वीकार ले कि मुझसे नहीं हो सकता और चुप बैठ जाए. दूसरा यह कि वह सोच ले कि नहीं अब तो मुझे करना ही है. अब मुझे कोई नहीं रोक सकता.’

ढाबे पर जाने से डरते थे
इंटरव्यू में हार्दिक ने बताया कि, जब वह छोटे तो ढाबे पर नहीं जाना चाहते थे और अगर जाते भी थे तो मम्मी से चिपके रहते थे. क्योंकि वह एकदम काला हुआ करते थे. हार्दिक आगे बोले कि, कई बार जब ढाबे पर हाथ धोने जाते थे तो लोग उन्हें ढाबे का नौकर समझकर बोलते थे कि ये प्लेट ले ले या ऑर्डर ले ले. इसी कारण से वह अपनी मम्मी को छोड़कर नहीं जाते थे. हार्दिक कहते हैं उन्होंने बचपन से यह सब बहुत ज्यादा झेला है. हालांकि, इन बातों को सुनकर वहां मौजूद गौरव और क्रुणाल हंसने लगते हैं.

हार्दिक ने बताया वह इस किस्से का जिक्र कई बार ड्रेसिंग रूम में भी कर चुके हैं. वैसे हार्दिक का यह किस्सा काफी मजेदार है लेकिन इस किस्से से हर किसी को सीख लेनी चाहिए कि कोई आपको कुछ भी कहे, कुछ भी समझे. लेकिन आपका आत्मविश्वास नहीं टूटना चाहिए, जिस हार्दिक को लोग नौकर समझते थे आज वही हार्दिक दुनियाभर में अपने टैलेंट से जाने जाते हैं. इसलिए हमेसा सकारात्मकता के साथ आगे बढ़िए और बीती हुई बातों से सीखकर आगे बढ़िए.

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