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Sunday, March 21, 2021

ट्रंप के वैक्स स्टैच्यू पर हो रहे थे हमले, मैडम तुसाद के म्यूजियम ने दिखा दिया बाहर का रास्ता


वाशिंगटन।
 कला, प्रसिद्धि और संग्रह का एकलौता उदाहरण मैडम तुसाद का म्यूजियम है। इस संग्राहलय में खेल, कला, राजनीति, लेखन से जुड़े ख्यातिलब्ध लोगों की मोम की मूर्ति रखी गयी। अमेरिका में टेक्सास के सैंट एंटोनियो स्थिति लुईस तुसाद म्यूजियम में मौजूद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मोम की प्रतिमा को हटा दिया गया है। प्रबंधन को इस मूर्ति को हटाने का निर्णय इसलिए लेना पड़ा क्योंकि लोग ट्रंप के वैक्स स्टैच्यू पर हमले कर रहे थे। दर्शक कभी प्रतिमा को नाखूनों से नोंचते थे तो अभी इस पर मुक्का मारते हैं। ऐसा एक दो बार नहीं बल्कि कई बार देखने को मिला। ट्रंप की आदमकद प्रतिमा को क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके चलते म्यूजियम ने इस स्टैच्यू को संग्रहालय से हटाना ही उचित समझा। अभी तक इसे उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के वैक्स स्टैच्यू के बीच रखा गया था। म्यूजियम में कार्यरत अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से डोनाल्ड ट्रंप के स्टैच्यू के प्रति लोगों की खासी नाराजगी देखने को मिली। प्रतिमा पर लोग अजीब तरीकों से अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।

प्रबंधक क्ले स्टीवर्ट ने बताया कि इस स्टैचू के चेहरे पर पंच मारे जाने और नाखूनों से खरोंचने के चलते स्क्रैच पड़ गए थे। इस म्यूजियम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टैच्यू को हटाकर इसे स्टोर में रख दिया गया है। अब जब तक अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन का स्टैच्यू नहीं लग जाता जब तक इसे यहीं रहना होगा। क्ले के मुताबिक जो बाइडेन के वैक्स स्टैच्यू को ओरलांडो में तैयार किया जा रहा है। जो बाइडेन की प्रतिमा शीघ्र तैयार हो जाएगी।

अमेरका में कैपिटल बिल्डिंग पर किए गए हमले के बाद से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से गिरा है। इस हिंसा के बाद करीब 68 प्रतिशत लोगों ने माना था कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद वे ट्रंप को राजनीतिक तौर पर सक्रिय देखने के पक्ष में कतई नहीं है। प्रतिमा को दर्शकों की नाराजगी का यह पहला मामला है।

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