सिर्फ 12 गेंदों में ठोक दी 58 रन, महिला क्रिकेटर की विस्फोटक पारी, कभी लड़का बन लेनी पड़ी थी ट्रेनिंग!

 

सिर्फ 12 गेंदों में ठोक दी 58 रन, महिला क्रिकेटर की विस्फोटक पारी, कभी लड़का बन लेनी पड़ी थी ट्रेनिंग!

23 मार्च मंगलवार का दिन भारतीय क्रिकेट के लिये मंगल देना वाला रहा, एक तरफ मेंस इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम ने अंग्रेजों को 66 रनों से करारी हार दी, तो दूसरी ओर लखनऊ में महिला टी-20 सीरीज के आखिरी मैच में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से हराया। इस मैच में 17 वर्षीय शेफाली वर्मा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, उन्होने 12 गेंदों में ही 58 रन कूट डाले, शेफाली ने 60 रनों की धुंआधार पारी खेली, हरियाणा के छोटे से गांव से निकली ये क्रिकेटर 3 साल में ही 22 टी-20 मैच खेल चुकी हैं और कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम कर चुकी हैं।

हरियाणा में जन्म
28 जनवरी 2004 को हरियाणा के रोहतक में पैदा हुई शेफाली वर्मा आज भारतीय महिला टीम में किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं, हाल ही में उन्होने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
9 विकेट से हराया
मंगलवार को लखनऊ में खेले गये मुकाबले में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से हराया, इस मैच में सिर्फ 30 गेंदों में 60 रनों की पारी शेफाली वर्मा ने खेली, अपनी इस पारी के दौरान शेफाली ने 58 रन तो सिर्फ 12 गेंदों में ही बना डाले, उन्होने सात चौके और 5 छक्के लगाये।


रैंकिंग में पहला स्थान
मंगलवार को आईसीसी की ताजा महिला टी-20 रैंकिंग में शेफाली पहले स्थान पर पहुंच गई है, उन्होने ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी को पीछे छोड़ा है। 24 सितंबर 2019 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया के लिये डेब्यू करने वाली शेफाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर है, उनहोने कम उम्र में डेब्यू करके सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ा था, शेफाली ने जब डेब्यू किया, तो उनकी उम्र 15 साल 7 महीने और 27 दिन थी, जबकि सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में डेब्यू किया था।

लड़का बनकर ट्रेनिंग
हालांकि शेफाली के लिये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर मुश्किलों भरा रहा है, टीम इंडिया की इस महिला खिलाड़ी को लड़का बनकर क्रिकेट ट्रेनिंग लेनी पड़ी थी। शेफाली के पिता ने बताया था कि कोई भी मेरी बेटी को एकेडमी में एडमिशन नहीं देना चाहता था, क्योंकि रोहतक में लड़कियों के लिये एक भी क्रिकेट एकेडमी नहीं थी, मैंने उनसे भीख मांगी, कि बेटी को एडमिशन दे दें, लेकिन किसी ने नहीं सुनी, तो मैंने अपनी बेटी के बाल कटवा दिये और उसका एडमिशन लड़के की तरह कराया। आज वो अपनी बल्लेबाजी का लोहा पूरी दुनिया में मनवा रही है, उन्होने अब तक भारतीय टीम के लिये 22 टी-20 मैच खेले हैं, जिसमें 617 रन बनाये हैं, उनका बेस्ट स्कोर 73 रन है।

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