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Wednesday, January 27, 2021

जानें कैसे काम करता है गूगल, कैसे पल भर में ही आपकी हर query को कर देता है दूर

 

how does the google work: आज की तारीख में हम चौतरफा इंटरनेट से घिरे हुए हैं। स्थिति ऐसी बन चुकी है कि हम बिना इंटरनेट के एक पल भी अपनी जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकते हैं। इटरनेट अपने कुछ सर्च इंजन का सहारा लेकर आपकी किसी भी query को महज पल में ही दूर कर देता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कैसे कोई भी सर्च इंजन आपकी कोई  भी query को महज पल भर में ही दूर कर देता है?  क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये कैसे काम करता है? कैसे ये आपके हर एक dout को क्लियर कर देता है? अगर नहीं तो  हम अपनी इस पोस्ट में आपको यही बताने जा रहे हैं कि आखिर google या फिर कोई दूसरा सर्च इंजन कैसे काम करता है। 

ऐसे काम करता है गूगल
देखिए..गूगल यह सब काम एक एल्गोरिदम के जरिए करता है। यह गूगल का एक सीक्रेट मैथेमेटिकल फॉर्मुला होता है, जिसे एल्गोरिदम कहते हैं। इसे समझ पाना बहुत कठीन होता है। गूगल  हर साल 300 से 400 बार अपने एल्गोरिदम में बदलाव करता है, ताकि कोई उसे समझ न पाए। इस पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाता अन्यथा इसका कोई भी गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसलिए यह सब किया जाता है।  यह एल्गोरिदम ही तय करता है कि यूजर द्वारा सर्च की गई कोई भी क्वारी पर कोन सी वेबसाइट पहले दिखानी है और कौन सी बाद में।

इन 3 steps से गूगल हर query को करता है दूर
गूगल या फिर कोई दूसरा सर्च इंजन अपने वीजिटर की कोई भी query दूर करने के लिए मुख्यत: तीन चरणों का इस्तेमाल करता है। इन चरणों से गुजरने के बाद ही गूगल आपकी हर कोई query को दूर कर पाता है।  अब सोचिए महज पल भर में ही आपके द्वारा टाइप की गई कोई भी जानकारी आपको प्राप्त हो जाती है तो गूगल आखिर कितनी तेजी से काम करता होगा। इसका अंदाजा लगाना यकीनन बहुत मुश्किल है।

1  crawling
गूगल के कुछ automatic programs होते हैं जो वर्ल्ड वाइड वेब ( WWW) पर जाकर जानकारियां एकत्रित करते हैं। गूगल के इस प्रोग्रम को स्पाइडर कहते हैंँ। यही स्पाइडर इंटरनेट पर घूम-घूम करके तमाम जानकारियां एकत्रित करते हैं। बता दें कि सारी वेबसाइट गूगल के टूल गूगल सर्च कंसोल पर सबमिट रहते हैं। जहां से गूगल के स्पाइडर पहुंचकर यूजर के जरूरत के मुताबिक वेबसाइट के रूप में मौजूद जानकारी को एकत्रित करते हैं।  ऐसा  करते समय गूगल के स्पाइडडर विभिन्न बातों का ध्यान रखते हैं।

जैसे 1. पेज का TITLE और DECPRICTION क्या है।

2.  पेज में कितने और कौन से KEY WORD का इस्तेमाल किया गया है।    3. इमेज और वीडियो है की नहीं।

4. वेबसाइट में कितने पेज हैं।

5. कौन-कौन से लिंक हैं।

6 पेज अपडेट है की नहीं।

  2. INDEXING 
इसके बाद गूगल अपने टूल गूगल सर्च कंसोल पर मौजूद सभी वेबसाइट को क्राल करने के बाद उसे INDEX करता है। INDEX का सीधा सा मतलब उसे व्यवस्थित करके रखता है, ताकि जब कभी यूजर कुछ सर्च करें तो फौरन उसकी क्वारी दूर  की जा सके। INDEX का मतलब आप  किताब के INDEX से भी समझ सकते हैं।  जहां आप किसी भी पृष्ठ में जाने से पहले सूची चेक करते हैं।  गूगल सभी को वेबसाइट के TITLE, DESCRPTION, KEYWORD और LINK को INDEX करने का काम करता है, ताकि यूजर कि किसी भी क्वारी कोा आसानी से दूर किया जा सके।

3. RANKING 
यह गूगल का आखिरी स्टेप होता है। इसके तहत यूजर की किसी भी क्वारी को देखते हुए  गूगल अपने सर्च इंजन पेज रिजल्ट पर दिखाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि गूगल किसी भी वेबसाइट के लिंक को अपने सर्च इंजन पेज रिजल्ट पर दिखाने से पहले 200 से भी अधिक रूल्स का पालन करता है।  जिसके बाद यह आप  तक पहुंचता है, तो इस तीन प्रक्रिया के तहत गूगल अपने यूजर की किसी भी क्वारी को दूर करने का काम करता हैे। 

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