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Saturday, January 23, 2021

‘वैक्सीन डिप्लोमेसी में भारत ने हमें हरा दिया है’, चीन ने स्वीकार की अपनी हार


दक्षिण एशिया के देशों में भारत का शुरू से ही अधिक प्रभुत्व रहा है। हालांकि, पिछले एक दशक में श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और बांग्लादेश जैसे देशों पर अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए चीन भी मैदान में कूदा है। वर्ष 2020 में जब चीन ने पूरी दुनिया में कोरोनावायरस फैलाया, तब दक्षिण एशिया में चीन के प्रभाव के सफ़ाये के लिए भारत को एक बेहतरीन अवसर मिला! भारत ने पहले HCQ की सप्लाई के माध्यम से और अब पड़ोसी देशों में कोरोना वैक्सीन की सप्लाई कर इन देशों में अपना प्रभुत्व कायम रखने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह सफलता ऐसी है कि अब खुद चीनी मीडिया भी भारत के सामने हार मानती दिखाई दे रही है, और इसके लिए वह भारत की “आक्रामक Neighborhood first” नीति को जिम्मेदार ठहरा रही है।

आपको बता दें कि भारत अब तक Serum Institute of India द्वारा निर्मित Oxford-AstraZeneca की Covidshield वैक्सीन को मालदीव, नेपाल और बांग्लादेश में “उपहार” के तौर पर निर्यात कर चुका है। जल्द ही भारत म्यांमार और शेसेल्स में भी अपनी वैक्सीन को भेजने वाला है। Reuters के सूत्रों के मुताबिक अगले तीन से चार हफ्तों में पहली चरण की सहायता के तहत भारत पाकिस्तान को छोड़कर अपने अन्य पड़ोसी देशों को करीब 2 करोड़ वैक्सीन शॉट्स प्रदान करने वाला है। ज़ाहिर सी बात है कि इससे ये देश कूटनीतिक तौर पर भारत के और ज़्यादा नजदीक आएंगे और इससे कोई देश सबसे ज़्यादा नाखुश होगा तो वो होगा चीन!

भारत की आक्रामक कूटनीति के सामने चीनी मीडिया और चीनी सरकार भी बेहाल नज़र आ रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि भारत के पड़ोस में वैक्सीन रेस में भारत ने चीन को पछाड़ दिया है। चीन अब तक भारत के किसी भी पड़ोसी देश में अपनी कोई भी वैक्सीन प्रदान नहीं कर पाया है। वैक्सीन रेस में इस हार के लिए चीनी मीडिया पहले से ही बहाने बनाने लगी है। चीनी मीडिया के एक लेख के मुताबिक “भारत ने भूटान में अपनी वैक्सीन का निर्यात किया है। भारत को डर है कि कहीं भूटान चीन से अपनी वैक्सीन न मंगा ले।” एक दूसरे लेख में चीनी मीडिया लिखती है “वैक्सीन प्रदान करने से उसके पड़ोस में भारत का प्रभुत्व तेजी से बढ़ जाएगा। भारत अगर फ्री में वैक्सीन देगा, तो भारत की छवि और मजबूत होगी। दक्षिण एशिया में भारत एक बड़ा देश है और ऐसे में भारत राजनीतिक तौर पर यहाँ और मजबूत हो जाएगा।”

वैक्सीन प्रदान करने के लिए भारत के पड़ोसी देश आज खुलकर भारत की तारीफ कर रहे हैं। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री, श्रीलंका के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति, म्यांमार और मालदीव के राष्ट्रपति सहित दक्षिण एशिया के तमाम बड़े नेता आज भारत की तारीफ़ों के पुल बांधने लगे हैं। चीन ने पिछले एक से दो दशकों में भारत के पड़ोस में जो भी थोड़ा बहुत प्रभाव जमाया था, वह सब अब एक झटके में बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। चीनी मीडिया ने अब यह मान लिया है कि दक्षिण एशिया में भारत वैक्सीन डिप्लोमेसी में चीन को मात दे चुका है और यह आने वाले सालों तक चीन की दक्षिण एशिया नीति पर गहरा प्रभाव डालता रहेगा!

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