शतक लगाने के बाद भी निराश हो गया यह ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज


labushane

दिल्ली। खेल और रिकाॅड साथ-साथ हैं। कभी खिलाड़ी रिकाॅर्ड से खुश होते है तो कभी रिकाॅर्ड को और अच्छा नही ंकर पाने का मलाल रहता है। ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज मार्नुस लाबुशेन भारत के खिलाफ ब्रिसबेन में जारी टेस्ट के पहले दिन भारतीय गेंदबाजी के सामने कॅरिअर की पांचवीं शतकीय पारी को और बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहने पर निराश हैं। लाबुशेन ने 204 गेंद में 108 रन बनाए जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम दिन का खेल खत्म होने पर पहली पारी में पांच विकेट पर 274 रन स्कोर बनाया। 26 साल के इस बल्लेबाज का मानना है कि उसे और रन बनाने चाहिए थे क्योंकि वह पिच पर जम चुका था। मैच के बाद लाबुशेन ने कहा कि निश्चित तौर अपनी पारी को जारी रखने और बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहने पर मैं निराश हूं। बड़ा स्कोर होता तो टीम मजबूत स्थिति में होती। उन्होंने कहा िकि किसी भी टेस्ट शतक में यह मायने नहीं रखता कि किस टीम और कैसे विपक्ष के खिलाफ बनाया गया है। आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आप शतक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिये यह आज निराशाजनक रहा कि मैं बड़ी शतकीय पारी नहीं खेल सका। शतक के बाद आगे खेलना था। उन्होंने हालांकि भारत की अनुशासित गेंदबाजी की तारीफ की। उनकी पारी की शुरुआत में रन बनाने के मौके नहीं दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण बहुत अनुशासित है यह मायने नहीं रखता कि कौन गेंदबाजी कर रहा है। वे रणनीति के साथ गेंदबाजी करते हैं और आज भी हमने उनकी गेंदबाजी आक्रमण के साथ यही देखा। उन्होंने कहा कि भारतीय शुरुआत में काफी अनुशासित थे और पहले सत्र में हमें रन बनाने का ज्यादा मौका नहीं मिला।

लाबुशेन ने कहा कि उनकी योजना गेंदबाजों को थका कर रन बनाने के मौके तलाशने की थी। मैं समझता हूं कि जब आप बेहतर टीम के खिलाफ खेलते हैं तो यह मायने नहीं रखता था कौन टीम में आ रहा है। उस टीम का हर खिलाड़ी अनुशासित होता है। उन्हें आपनी भूमिका के बारे में पता होता है और आप जानते है कि वे बहुत कुशल गेंदबाज हैं। भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत में अनुशासन के बारे में था। खासकर पहले और दूसरे सत्र की शुरुआत में यह सुनिश्चित करना था कि आप पिच की गति के अनुसार ढल सके। ऐसे में गेंदबाजों के थोड़ा थकने के बाद आप फायदा उठा सकते हैं।

लाबुशेन ने कहा कि भारतीय टीम ने मैच में एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरने का फैसला किया जो नवदीप सैनी के चोटिल होने से सही साबित हुआ। भारतीय टीम रणनीति के साथ खेलती है। उन्होंने विवादों का सामना कर रहे स्टीव स्मिथ का बचाव करते हुए कहा कि ऋषभ पंत की क्रीज से छेड़छाड़ को लेकर सोशल मीडिया पर हुई किरकिरी का इस बल्लेबाज पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि उस मामले से वह जरा भी चिंतित नहीं है। वह गेंद और रन बनाने पर ध्यान लगा रहे थे। टेस्ट का पहला दिन कंगारूओं के नाम रहा।

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