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Thursday, January 21, 2021

ट्रम्प ने “उइगर” के मुद्दे से चीन और अमेरिका के बीच सभी साझेदारी के दरवाजे बंद कर दिए हैं


अमेरिका का ट्रंप प्रशासन चीन के लिए जाते-जाते एक नई मुसीबत छोड़ गया है। चीन एक तरफ जहां डेमोक्रेट्स के आने का जश्न मना रहा था और ट्रंप की आलोचनाओं की तैयारी कर रहा था, तो दूसरी ओर ट्रंप के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने एक और बेहतरीन काम कर दिया है। अमेरिका के प्रशासन ने अब आधिकारिक रूप से ये कह दिया है कि चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में उईगर मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को साथ धार्मिक प्रताड़ना जारी है।

चीन को उम्मीद थी बाइडेन के आने के बाद और चीन के प्रति अमेरिका का रुख बदलेगा, क्योंकि पिछले 4 सालों से चीन को अमेरिका के विरोध का ही सामना करना पड़ रहा था, लेकिन चीन की उम्मीदों पर एक बार फिर निवर्तमान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक और झटका दे दिया है। जैसा कि देखा जा रहा है बाइडेन के सत्ता संभालने की उम्मीदों के साथ ही अमेरिका के वामपंथी लोगों ने वैश्विक विरोध का सामना कर रहे चीन से लोगों का ध्यान हटाने की तैयारी कर ली थी, जिसे अब रूस पर केन्द्रित करने की तैयारी थी।

बाइडेन को कैपिटल हिल की घटना के बाद दुनिया का ध्यान चीन से हटाकर रूस की तरफ करने का बेहतरीन मौका मिल भी गया था। ये सारी तैयारियां पिछले काफी दिनों से जारी थी, लेकिन अमेरिकी ट्रंप प्रशासन के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया औऱ दुनिया का ध्यान एक बार चीन की ओर ही चला गया है। माइक पॉम्पियों ने अपने बयान में कहा, “चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा हम लगातार उईगर मुस्लिमों को नष्ट करने की नीति देख रहे हैं, 2017 के बाद से वहां की स्थानीय प्रशासन लगातार उईगर मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों के  खिलाफ दमनकारी अभियान चला रहे हैं।”

हाल ही की रिपोर्ट के अनुसार चीनी सरकार और कम्युनिस्ट पार्टी चीन के  अल्पसंख्यक लोगों के खिलाफ सेंसरशिप से लेकर उनके मूल अधिकारों को नष्ट कर रहे है, और ये सारे कार्य करने में चीन की सरकार अब  पराकाष्टाओं को पार कर गई है। अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने एक तरह से अब अपने बयान से चीन के खिलाफ उईगर के मुद्दे पर उनकी बातों को मजबूती दी है।

ट्रंप प्रशासन का ये बयान एक तरह से जो बाइडेन को चीन से दूर रहने पर मजबूर करेगा। भले ही पेपर पर ज्यादा होता हा न दिखे, लेकिन बाइडेन ट्रंप की चीन नीति के आधार पर ही चलते नजर आएंगे। इसका पहला उदाहरण बाइडेन द्वारा नामित किए गए, अमेरिका के नए विदेश मंत्री एंटनी बिलिन्केन का वो बयान है जिसमें सहमति में उन्होंने कहा था कि चीन अपने यहां शिनजियांग में उईगर मुस्लिमों का नरसंहार कर रहा है, इस दौरान उन्होंने चीन के इन कार्यों की आलोचनी भी की थी।

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