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Monday, January 11, 2021

20 लाख से अधिक किसानों को लौटाने पड़ेंगे किसान सम्मान निधि से मिले रुपए, जानें क्या है वजह

 


नई दिल्ली। भ्रष्टाचार का रोना वैसे तो हर कोई रोता रहता है, लेकिन सच यह कि मौका मिलने पर भ्रष्टाचार और चोरी करने से कोई नहीं चूकता। फर्क सिर्फ इतना है बड़े भ्रष्टाचार पर हर किसी की निगाह होती है, लेकिन अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों का भ्रष्टाचार किसी को नजर ही नहीं आता। इसी तरह का भ्रष्टाचार पीएम किसान सम्मान निधि में सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से गरीब किसानों की मदद के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है। लेकिन भ्रष्टाचारियों ने इसमें भी सेंधमारी कर 20.48 लाख अपात्र लाभार्थियों ने 1,364 करोड़ रुपए हड़प लिए। किसान सम्मान निधि का पैसा गबन करने वालों में सबसे ज्यादा पंजाब के किसान हैं। पंजाब के बाद असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश का गबन में नंबर आता है।

मजे की बात यह है इन अपात्र लाभार्थियों में आधे से अधिक (55.58 फीसदी) आयकर दाता भी हैं। वहीं 44.41 फीसदी ऐसे किसान हैं, जो योजना की पात्रता अर्हता पूरी नहीं करते। ऐसे में अब अपात्र लाभार्थियों को भुगतान की गई राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गलत तरीके से लिया गया पैसा वापस न करने की स्थिति में ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। आरटीआई के तहत मिली सूचना के अनुसार पंजाब में सर्वाधिक (4.74 लाख) अपात्र लाभार्थी मिले हैं। अपात्र लाभार्थियों में कुल 23.6 फीसदी किसान पंजाब में रहते हैं। पंजाब के बाद असम का नंबर आता है। यहां 16.8 फीसदी (3.45 लाख लाभार्थी) अपात्र मिले हैं। जबकि तीसरे नंबर महाराष्ट्र का नाम आता है। यहां 13.99 फीसदी (2.86 लाख लाभार्थी) अपात्र किसान रहते हैं। इस तरह इन तीनों राज्यों में ही आधे से अधिक अपात्र (54.03 फीसदी) संख्या लाभार्थियों की रहती है।

इसी तरह गुजरात में कुल अपात्र लाभार्थी की संख्या 8.05 फीसदी (1.64 लाख लाभार्थी) हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 8.01 फीसदी (1.64 लाख) अपात्र लाभार्थी मिले हैं। जबकि सिक्किम में एक अपात्र लाभार्थी के बारे में जानकारी मिली है। हालांकि इस बारे में यह बात सामने निकल कर आ रही है कि अधिकत्तर किसानों को यह नहीं पता है कि वह इस योजना के पात्र है कि नहीं। रिश्वतखोरी का आलम यह है कि जिम्मेदारों का कमीशन फिक्स है वह मिलते ही अपात्र भी पात्र हो जाता है।

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