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Thursday, December 24, 2020

चीन ने ब्रिटेन की उड़ानें बैन नहीं की, कारण- वो चाहता है कि UK पर कोरोना फैलाने का ठीकरा फूटे


ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की खोज होने दुनिया भर में एक बार फिर से दहशत का माहौल है। खबर के आने के बाद लगभग 40 से अधिक देशों ने ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइटों पर लोक लगा दी, लेकिन एक देश ऐसा है जिसने अभी तक रोक नहीं लगाई है और वह है चीन। कोरोना को महामारी बनाने वाला चीन ब्रिटेन कोरोना के नए स्ट्रेन मिलने के बाद उसका मज़ाक भी उड़ा रहा है। ऐसा लगता है अब चीन अपने प्रोपोगेंडा तंत्र को ब्रिटेन के खिलाफ मोड़ कर कोरोना के लिए जिम्मेदार देश के रूप में उसे बदनाम करना चाहता है। चीन ऐसे कोशिश कई महीनों से कर रहा है, कभी अमेरिका, तो कभी इटली, और फिर भारत के ऊपर भी कोरोना फैलाने का आरोप लगा चुका है। अब उसे ब्रिटेन के के खिलाफ अपना प्रोपोगेंडा शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार चीन हाई अलर्ट पर है लेकिन उसने ब्रिटेन के साथ सीधी उड़ानों को स्थगित नहीं किया है। सोमवार रात को राष्ट्रीय टेलीविजन पर बोलते हुए, चीनी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के उप निदेशक फेंग ज़िजियन ने कहा कि देश में आने करने वाले लोगों या सामानों के टेस्ट में किसी नए स्ट्रेन का जीनोम नहीं मिला है।

फेंग ने कहा कि, “चीनी वैज्ञानिक ब्रिटिश और यूरोपीय वैज्ञानिक पर नजर बनाए हुए हैं। हमें यूरोप और ब्रिटेन में इस वायरस के नए स्ट्रेन की स्थिति पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है, और अपने सुरक्षा उपायों की निगरानी को उच्च स्तर पर ले जाने की भी आवश्यकता है।“

14 दिसंबर को ब्रिटिश सरकार ने तेजी से फैलने वाले कोविड-19 के नए स्ट्रेन के संक्रमण की पुष्टि की थी। इसके बाद से अब तक 40 से ज्यादा देशों ने ब्रिटेन के साथ हवाई सेवा पर रोक लगा दी है। भारत ने 31 दिसंबर तक के लिए ये रोक लगाई है। परंतु चीन ने अब तक दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा नहीं रोकी है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने ब्रिटिश से आने वाले कोरोना ​​के बारे में पूछे जाने पर कहा, “हम स्थिति का सावधानीपूर्वक आंकलन करेंगे और विज्ञान आधारित तरीके से ध्वनि और व्यवस्थित रूप से लोगों और लोगों के बीच प्रवाह को सुनिश्चित करेंगे।”

ऐसा लगता है चीन चाहता है कि कोरोना ब्रिटेन से और भी अधिक फैल जाए जिससे विश्व भर में चीन की जगह ब्रिटेन को कोरोना के लिए दोषी ठहराया जाये।

यही नहीं चीन ने अब ब्रिटेन का मज़ाक भी उड़ना शुरू कर दिया है। चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख प्रकाशित करते हुए ब्रिटेन को बीमार देश भी कह दिया। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि ‘यूनाइटेड किंगडम यानी एक वक्त का ऐसा साम्राज्य, जहां कभी सूरज अस्त नहीं होता था, वो अब एक अलग-थलग द्वीप बन गया है। ऐसा कोरोना वायरस के नए म्यूटेशन की वजह से हुआ है जिसने इसकी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को ब्रिटिश सामाज्य के दौर से अब तक के सबसे निचले स्तर पर ला दिया है।’

सिर्फ इतना ही नहीं, चीनी सरकार के अखबार ने एक ब्रिटिश मुहावरे के ज़रिए भी ब्रिटेन पर तंज कसा। ग्लोबल टाइम्स लिखता है कि, “ब्रिटेन की दूसरों को ‘sick man’ यानी बीमार आदमी कहने की आदत रही है। उसने चीन पर 1644 से 1911 तक राज करने वाले क्विंग या चिंग राजवंश को लेकर भी बार-बार इस मुहावरे का इस्तेमाल किया था लेकिन आज ब्रिटेन के लोगों को ये मुहावरा उन्हीं पर उल्टा बैठता नज़र आ रहा है।“

हालांकि, अब जिस तरह से चीन ने प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया है उससे यह भी हो सकता है कि चीन में कोरोना के इस नए स्ट्रेन का जीनोम पहले से मौजूद हो लेकिन चीन ने उसे बाहर नहीं आने दिया जैसे उसने पहले कोरोना की खबर बाहर न आने देने के लिए कई तिकड़म लगाई थी। अब चीन को ऐसा लगता है उसके लगातार ब्रिटेन पर हमले से सभी का ध्यान ब्रिटेन की कोर हो जाएगा और लोग कोरोना के लिए ब्रिटेन को दोषी मानने लगेंगे। शायद यही वजह है कि उसने ब्रिटेन से आने वाले फ्लाइट भी बंद नहीं की है जिससे ब्रिटेन से आने वाले कोरोना संक्रमित लोग उसके माध्यम से अन्य देशों में फैल जाए। अब यह देखना है कि ब्रिटेन क्या कदम उठाता है और चीन के मंसूबों को सफल होने से रोकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कल चेतावनी दी थी कि यूरोप भर में तनाव की घटना का मतलब है कि देशों को वायरस को नियंत्रित करने के उनके प्रयासों को “फिर से परिभाषित” करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने यह भी नोट किया कि प्रारंभिक साक्ष्य से पता चलता है कि पहले की तुलना में नया तनाव अधिक संक्रामक था। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने में कहा कि कोरोना का नया स्ट्रेन मूल कोरोना वायरस की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक हो सकता है।

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