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Wednesday, December 30, 2020

ममता बनर्जी के बंगाल में सरकार विरोधी रैली कोई आम बात नहीं थी लेकिन अब हो गयी है


 पश्चिम बंगाल में ऐसा बहुत कम होता था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके मंत्रियों के विरुद्ध कोई आवाज़ उठाए, लेकिन वो दौर अब बदल चुका है। ममता और उनके मंत्रियों पर जनता आक्रमक हो गई है। उनके मंत्रियों के सामने एक ऐसा ही वाकया हुआ है,जहां श्रमिक समेत आम जनता उन पर भड़क गई और विरोध प्रदर्शन करने लगी। जनता के विरोध के चलते ही पहली बार ममता बनर्जी की रैलियां रद्द होने लगी हैं। शायद ममता बनर्जी भी जान चुकी हैं कि जनता अब उनसे नाराज है। इसीलिए दीदी के आधे से ज्यादा कार्यक्रम रद्द हो रहे हैं जो कि उनके सत्ता से जाने का संकेत देता है।

आउटलुक की खबर के अनुसार पश्चिम बंगाल के श्रम मंत्री मलय घटक के सामने श्रमिक और आम आदमी उस समय प्रदर्शन करने लगे जब वो नेताजी इंडोर स्टेडियम के एक कार्यक्रम में मौजूद थे। बिजली मंत्री सोबनदेव चट्टोपाध्याय, और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम पहले ही स्थिति भांप गए थे इसलिए वो वहां से चले गए थे, लेकिन श्रम मंत्री फंस गए। जिसके बाद प्रदर्शन कारी कुर्सियां फेंककर विरोध दर्ज कराने लगे, और श्रम मंत्री के लिए स्थितियां असहज होती चलीं गईं।

मममा के प्रति यहां लोगों में बेहद गुस्सा था, जिसका खौफ उनके मंत्री के चेहरे पर भी दिख रहा था। ऐसे में कोलकाता पुलिस के जवानों ने उन्हें मशक्कत के बाद सुरक्षा घेरे में रखते हुए बाहर निकाला। जो कि ममता दीदी के मंत्रियों के लिए तो एक चिंता का विषय था ही, साथ ही ममता सरकार के लिए एक बहुत बड़ा संदेश भी था; जो अब बंगाल की जनता अपनी आक्रामकता में सुना रही है। जनता का रुख बता रहा है, कि वह अब ममता बनर्जी के शासन से काफी परेशान हो चुकी है और इसीलिए खुलकर उनका विरोध कर रही है।


जनता के विरोध के कारण अपने ही राज्य में ममता बनर्जी के मंत्रियों और उनके कार्यक्रमों में जिस तरह से सरकार विरोधी बातें कहीं जा रही हैं वो इस बात का साथ संदेश देते हैं कि ममता बनर्जी अब दोबारा सत्ता में नहीं आने वाली हैं। ममता के लिए दोहरी मुसीबत की स्थिति है क्योंकि यदि वह चुनाव से पहले हार मानती हैं तो उनका राजनीतिक करियर हाशिए पर चला जाएगा और यदि आक्रमकता दिखाते हुए चुनाव प्रचार करती है तो उन्हें जन विरोध का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए आए दिन ममता के प्रस्तावित कार्यक्रम किसी न किसी बहाने के नाम पर कैंसिल हो रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जिस तरह से जमीनी स्तर पर काम किया है उससे ममता बनर्जी घबराई हुई हैं, क्योंकि बीजेपी ने जनता के बीच ममता के खिलाफ माहौल बना दिया है। दीदी का भ्रष्टाचार भी अब जनता के सामने आने लगा है। इसके चलते ही ममता के मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने थोड़े दिन पहले ही ममता का साथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था और इसके चलते अब ममता बनर्जी नंदीग्राम की रैली भी रद्द कर चुकी हैं क्योंकि नंदीग्राम और मेदनीपुर का पूरा इलाका शुभेंदु का गढ़ माना जाता है।

शुभेंदु को लेकर यह खबरें भी सामने आई थीं कि वह ममता बनर्जी की रैली के अगले ही दिन नंदीग्राम में बड़ी जनसभा का आयोजन करेंगे जिससे ममता का खौफ कई गुना ज्यादा हो गया और इसीलिए उन्होंने अपनी रैली रद्द कर दी है।

सरकार के विरोध की आवाजों को दबाने वाली ममता सरकार में अब जनता ने इस कदर विरोध करना शुरू कर दिया है कि ममता बनर्जी को अपनी हार दिख रही हैस साथ ही वो अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने में भी दिक्कतों का सामना कर रही है, जो बंगाल की राजनीति में एक रोचक स्थिति है।

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