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Wednesday, December 30, 2020

सामान्‍य गृहिणी से यूं किया यूट्यूब पर बच्चों के सपनों को पूरा, आज सालाना टर्नओवर है 1 करोड़

 

सामान्‍य गृहिणी से यूं किया यूट्यूब पर बच्चों के सपनों को पूरा, आज सालाना टर्नओवर है 1 करोड़

केरल की एक गृहिणी आशा बिनीश अपने यूट्यूब चैनल की वजह से चर्चा में आ गई हैं, वह कम्पटीशन की तैयारी कर रहे छात्रों की मदद करती हैं और उन्हें इनोवेटिव तरीकों से पढ़ाती हैं । कंप्यूटर साइंस में बी. टेक 34 साल की आशा बिनीश पिछले 4 सालों से कॉम्पेटिटिव क्रैकर नाम से एक यूट्यूब चैनल चला रही हैं। मात्र एक-दो छात्रों से शुरू हुआ उनका काम आज 5 हज़ार छात्रों तक पहुंच चुका है और उनके चैनल पर 2 लाख 60 हज़ार सब्सक्राइबर हैं।

केरल के काकनाड की हैं आशा
केरल के काकनाड की रहने वाली आशा अपने यूट्यूब चैनल के ज़रिए कम्पटीशन एग्जाम की कोचिंग देती हैं। उनके बारे में जब खबर फैली तो मीडिया भी आशा तक पहुंची । उनसे बातचीत में आशा ने कहा – “मैंने महज 30,000 रुपये के शुरूआती निवेश के साथ इस ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी और कंपनी को वित्त वर्ष 2019-20 में लगभग 1 करोड़ रुपये की कमाई हुई।”

एंटरटेनमेंट प्‍लेटफॉर्म का किया ऐसा उपयोग
आशा बिनीश पढ़ाई में अच्‍छी रही हैं, साल 2006 में ग्रैजुएशन के बाद वो खुद कम्पटीशन एग्जाम की तैयारी में जुट गई । उन्होंने बैंक की परीक्षा दी और सफल भी हुईं, यहां ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने महसूस किया कि देश में अच्छी कोचिंग क्लासेज की कमी है। जिसके बाद उन्‍होंने खुद की कोचिंग क्लास खोलने का मन बनाया । साल 2015 में उन्होंने पहली बार कुछ लेक्चर रिकॉर्ड किए और यूट्यूब पर अपलोड कर दिए।

लोगों ने पसंद किया, और उत्‍साह बढ़ता गया
आशा ने बताया कि- “शुरूआत में, कंप्यूटर साइंस के ज्ञान के कारण मैंने गणित और जनरल नॉलेज की कोचिंग वीडियोज डालना शुरू किया। पहले दो वीडियो में मुश्किल से कोई व्यूज मिले लेकिन तीसरे वीडियो से लोगों ने देखना शुरू किया और सराहा भी।” आशा ने इसके लिए केवल एक लैपटॉप, एक स्मार्टफोन लिया, और 30,000 रुपये का निवेश किया । उनके तीसरे वीडियो के बाद उन्‍हें सजेशन मिलने लगे । इसके बाद आशा ने एर्नाकुलम में अपनी कोचिंग क्लास भी शुरू की । तीन बच्‍चों के साथ शुरू हुई ये क्‍लास धीरे-धीरे छात्रों से भरने लगी । यहीं से आशा को कॉम्पेटीटीव क्रैकर का नाम सूझा, उन्‍होंने इस नाम से मल्टी-चैनल लर्निंग प्लेटफार्म विकसित किया, कांटेक्ट क्लासेज, ऑनलाइन कंटेंट और यहां तक कि मोबाइल एप भी है।

आशा और उनकी टीम
आशा बिनीश के पास आज 27 और लोग हैं जो पढ़ाते हैं । वो बहुत शुरुआत से ही ऑनलाइन टीचिंग करती हैं । चैनल लॉन्च के एक साल बाद तक तक आशा वन मैन आर्मी की तरह काम करती थीं । पढ़ाना, यूट्यूब वीडियो बनाना, उन्‍हें अपलोड करना, मार्केटिंग सब कुछ वह खुद ही करतीं थीं। इसके बाद, उनके पति बिनीश ने अपनी जॉब छोड़कर पत्‍नी के साथ काम करने का फैसला किया। आज कॉम्पेटिटिव क्रैकर में काम कर वो बहुत खुश हैं और पत्‍नी पर गर्व महसूस करते हैं । लॉकडाउन के दौरान आशा ने कुछ अलग तरीके से छात्रों को पढ़ाना शुरू किया, वो अपने किचन के जरिए पढ़ाने लगीं । जैसे रसम बनाते हुए, “इमली में कौनसा एसिड होता है?,” ऐसे सवाल पूछना और इसके जवाब देना । आशा के मुताबिक ” हमारे आस-पास की हर चीज में सीखने के लिए कुछ है – बस एक सही सवाल पूछने की जरूरत है। वह कहती है, “मुझे खाना पकाने, सीखने और सिखाने का शौक है, और इस लॉकडाउन ने मुझे यह सब करने का मौका मिला।”

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