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Tuesday, November 3, 2020

रामविलास पासवान की मौत एक साजिश!, PM मोदी को पत्र, बेटे पर दानिश रिजवान ने उठाए सवाल

 

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पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ramvilas Paswan) की मौत के बाद पार्टी की सारी जिम्मेदारी उनके बेटे चिराग पासवान के कंधों पर आ गई है. चिराग पिता के निधन के बाद काफी बेबस नजर आए थे. मगर अब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (Jeetan Ram Manjhi) की पार्टी ने रामविलास पासवान की मौत पर सवाल खड़े करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. पत्र के जरिए जीतनराम मांझी की पार्टी HAM ने पूरे मामले पर न्यायिक जांच की मांग की है और HAM प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान (Danish Rizwan) ने एलजेपी के अध्यक्ष चिराग पासवान पर भी प्रश्न चिह्नन खड़ा करते हुए कहा कि आखिर रामविलास पासवान से जुड़ा कौनसा राज छुपाया जा रहा है ये पूरा देश जानना चाहता है.

मेडिकल बुलेटिन क्यों जारी नहीं हुआ?
रामविलास पासवान की मौत को साजिश बताते हुए चिट्ठी में लिखा गया कि जब वह अस्पताल में भर्ती थे तो किसके कहने पर अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया.HAM Spokesman danish rizwan chirag paswanक्यों सिर्फ तीन ही लोगों को उनसे मिलने की परमिशन दी गई थी. इन सभी बातों को पत्र में लिखा गया है और पीएम मोदी से रामविलास पासवान की मृत्यु पर न्यायिक जांच की मांग हुई है. साथ ही साथ उनके बेटे चिराग पर निशाना साधा गया है.

कौन है दानिश रिजवान
आपको बता दें, HAM पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान को जीतन राम मांझी का दाहिना हाथ कहा जाता है. पहली बार उनका नाम उस वक्त खबरों में शामिल हुआ था जब आरा के मशहूर कारोबारी और भू माफिया कृष्णा सिंह की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. इस पूरे मामले पर दानिश समेत 10 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ थाdanish rizwanहालांकि बाद में हत्या के मामले पर दानिश रिजवान पर लगे आरोप साबित नहीं हो पाए थे. दानिश रिजवान एक बड़ा नाम हैं और कहा तो ये तक जाता है कि, महागठबंधन से पार्टी के अलग होने और फिर एनडीए में शामिल होने के सारा चक्रव्यूह दानिश रिजवान ने ही रचा था.

गौरतलब है कि, 8 अक्टूबर 2020 को दिग्गज नेता रामविलास पासवान का निधन हो गया था. वह काफी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. रामविलास पासवान के निधन के बाद बेटे चिराग काफी मायूस और टूटे हुए नजर आए थे. लेकिन जिस तरह के सवाल HAM प्रवक्ता ने खड़े किए हैं उससे बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है.

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