PLA सैनिकों की स्किनकेयर होड़: लद्दाख में चीनी सैनिक लिप-बाम और sunscreen लगाकर भारत से लड़ेंगे

 


Propaganda युद्ध में माहिर चीन हर दिन नए आयाम छूता जा रहा है। Global Times ने अब यह रिपोर्ट किया है कि लद्दाख में तैनात उसके सैनिक बढ़िया से moisturized हैं, वे लिप-बाम और sunscreen लगाकर भारत के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं। Global Times ने एक नई video जारी कर यह बताया है कि लद्दाख की ठंड में आमतौर पर खतरनाक दिखने वाले सैनिक भी Cute दिखाई दे रहे हैं। चीनी मीडिया की इस video के बाद से ही PLA को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है।

बता दें कि मई महीने में झड़प के बाद से ही भारत-तिब्बत बॉर्डर पर भारत और चीन की सेनाएँ तैनात हैं। हालांकि, लद्दाख की हड्डी गला देने वाली ठंड में काम करने के लिए चीनी सैनिकों के पास अनुभव की भारी कमी है, जिसके चलते अक्सर ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती करना पड़ता है। अब लगता है कि ठंड से निपटने के लिए चीनी सेना ने लिप बाम और sunscreen का सहारा लेना ही सही समझा है।

चीन अपने gutter-level प्रोपेगैंडा से यह साबित करना चाहता है कि ठंड में भी चीनी सेना लद्दाख में डटी हुई है। इसीलिए हाल ही में Global Times के मुख्य संपादक हु शीजीन ने एक ट्वीट कर यह बताया था कि “ठंड में चीनी सैनिक ड्रोन की सहायता से गर्म खाना खाएँगे जबकि पास में ही तैनात भारतीय सैनिकों को ठंडा बासी खाना खाना पड़ेगा, और साथ में कोरोना से भी जूझना पड़ेगा।”

युद्ध या फिर तनाव के समय अक्सर कोई भी शक्तिशाली देश अपनी सेना को मजबूत दिखाने की कोशिश करता है। युद्धाभ्यास से जुड़ी videos या खतरनाक हथियारों के operations से जुड़ी videos को अक्सर प्रोपेगैंडा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, चीनी मीडिया इससे भी एक कदम आगे बढ़कर अब लिप बाम, sunscreen के बल पर युद्ध जीतने की बात कर रही है। यह सोचकर ही हंसी आती है कि लद्दाख में भारतीय सेना से भिड़ने से पहले लद्दाख में चीन अपने सैनिकों को “Cute” रखने को लेकर ज़्यादा चिंतित है।

चीन खुद भी इस बात को जानता है कि पहाड़ों पर युद्ध लड़ने के मामले में भारतीय पर्वतारोही सैनिकों से बेहतर सैनिक किसी भी देश के पास नहीं है। इसी साल जून महीने में चीन के टॉप डिफेंस एक्सपर्ट हुआंग गुओज़ी ने अपने एक लेख में लिखा था “वर्तमान में, पठार और पर्वतीय सैनिकों के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा और अनुभवी देश अमेरिका या रूस या कोई और यूरोपीय पावरहाउस नहीं है, बल्कि भारत है।”

स्पष्ट कर दें कि भारत ने वर्ष 1970 के बाद से ही पर्वतों पर सैन्य मौजूदगी को बढ़ाने का काम किया है। इसके लिए सेना बेहद कड़ी ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद चुने हुए प्रशिक्षित नौजवानों को ही पर्वतीय सेना में भर्ती करती है। भारत ने अपनी पर्वतीय सेना को मजबूत करने के लिए अमेरिका से बेहद आधुनिक हथियार भी खरीदे हुए हैं। उदाहरण के लिए भारत ने खासतौर पर पर्वतीय सेना के लिए अमेरिका से दुनिया की सबसे हल्की लेकिन बेहद आधुनिक howitzer तोप खरीदी हुई है। इसके अलावा हाल ही में भारत ने अमेरिका से ही चिनूक हेलिकॉप्टर भी खरीदे थे, ताकि भारी हथियारों को आसानी से बॉर्डर और पर्वतीय इलाकों में पहुंचाया जा सके।

ऐसे में बेचारी PLA सेना के पास गर्म खाने और स्किनकेयर से जुड़ी propaganda videos जारी करने के अलावा विकल्प भी क्या ही होगा! कम अनुभवी चीनी सेना किसी भी सूरत में भारतीय सेना के सामने टिक नहीं पाएगी, वो भी ऐसे हालातों में जहां किसी भी सैनिक का सबसे बड़ा दुश्मन “जानलेवा मौसम” होता है, ना कि दुश्मन की सेना!

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