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02 November 2020

भारतीय ऑटोमोबाइल बिक्री में मुनाफे ने बुलंद की आवाज़, तो अपने ही दावे में उलझ गए राजीव बजाज

 


जब व्यक्ति प्रोपेगेंडा के लिए काम करने लगता है तो उसके लिए सत्य धुंधला हो जाता है। जाने माने बिजनेसमैन राजीव बजाज के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक तरफ कांग्रेस से सम्बन्धों के लिए जाने, जाने वाले राहुल बजाज भारत की ऑटोमोबाइल सेल में 30 प्रतिशत घाटे का अनुमान लगा रहे हैं तो वहीं, उनकी कंपनी ने ही उनकी पोल खोलते हुए बताया कि वाहनों की कुल बिक्री में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।

दरअसल, बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए एक हफ्ते पहले कहा था कि टू-व्हीलर की बिक्री में 30 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। लेकिन इसके ठीक उलट उनकी ही कंपनी ने सिर्फ अक्टूबर महीनें में ही नहीं, बल्कि इस वर्ष रिकॉर्ड बिक्री की है।

CNBC-TV 18 की रिपोर्ट के अनुसार बजाज ऑटो लिमिटेड के वाहन की कुल बिक्री में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। बजाज ऑटो ने बताया कि कंपनी ने पिछले साल के अक्टूबर महीने में कुल 463,208 यूनिट्स बेची थीं जो इस वर्ष अक्टूबर में बढ़ कर 512,038 यूनिट्स हो गईं।

अगर घरेलू बिक्री की बात करें तो पिछले साल अक्टूबर में 278,776 यूनिट के मुकाबले घरेलू बिक्री 281,160 यूनिट्स रही, जो 1 प्रतिशत अधिक है।

यही नहीं बजाज ऑटो ने बताया कि निर्यात में 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। अक्टूबर में कुल वाहन निर्यात 230,878 यूनिट्स का था, जो एक साल पहले इसी महीने में 184,432 यूनिट्स की तुलना में 25% अधिक था।

मोटरसाइकिल की बिक्री 18 प्रतिशत से बढ़कर 470,290 यूनिट्स हो गई, जो कि एक साल पहले इसी महीने में 398,913 इकाई थी, जो अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। बजाज ऑटो ने बताया कि अक्टूबर के दौरान, पल्सर ब्रांड ने 170,000 से अधिक यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।

बता दें कि राजीव बजाज ने मोदी सरकार पर निशाना साधते CNBC-TV18 को उन्होंने बताया था कि वह शेष वित्तीय वर्ष के दौरान डिमांड में वृद्धि को लेकर उत्साहित नहीं हैं। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन को गाड़ियों की डिमांड में कमी का कारण बताया था और सेल की कमी का ठीकरा मोदी सरकार पर फोड़ने की कोशिश की थी।

लेकिन अब उनकी ही कंपनी के द्वारा दर्ज कि गयी सेल में वृद्धि उनके मुंह पर किसी तमाचे से कम नहीं है। सिर्फ बजाज ही नहीं, बल्कि हीरो मोटों कॉर्पस ने भी दोपहिया वाहनों के सेल में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की और लगभग 8 लाख वाहन बेचे।

वहीं, टीवीएस मोटर कंपनी की बिक्री अक्टूबर में 22 प्रतिशत बढ़कर 3,94,724 इकाई पर पहुंच गई। पिछले साल नवंबर के महीने में कंपनी ने 3,23,368 वाहन बेचे थे।

यानि एक तरफ दोपहिया वाहनों की बिक्री आसमान छु रही है तो वहीं, राजीव बजाज अपने मोदी विरोध में लगे हुए हैं।

यह किसी से छुपा नहीं है कि राजीव बजाज अब बिजनेस की बातें कम और राजनीतिक बातें अधिक करते हैं जिससे उन्हें कांग्रेस का गुणगान करने और मोदी सरकार की बुराई करने का मौका मिले। उदारीकरण का विरोध करने वाले इस बिजनेस परिवार का लाइसेन्स राज के समय में अपने-अपने बिजनेस क्षेत्र में सम्पूर्ण एकाधिकार था, और वे बेहिसाब लाभ कमाते थे। ये कंपनियां एकाधिकार के नशे में ऐसे चूर थी कि दोयम दर्जे के उत्पाद तक बाज़ार में उतारने को तैयार थीं, क्योंकि उन्हें अच्छी तरह से मालूम था कि उनके इस वर्चस्व को चुनौती देने वाला कोई नहीं है।

दशकों से भारतीयों को Substandard स्कूटर बेचने वाले बजाज ग्रुप ने उस दौरान पीवी नरसिम्हा राव सरकार पर भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया था। आज जब मोदी सरकार एक के बाद एक सुधार लागू करके समाजवादी स्तंभों को ध्वस्त कर रहे हैं, तो ये लोग खुश नहीं हैं। ऐसे में जब भी इन्हें मौका मिलता है ये मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हैं। परंतु इसी प्रयास में ये अपनी भद्द भी पिटवाते हैं। आप खुद देखिए कैसे रिपोर्ट के आने के बाद ट्विटर पर लोगों ने राजीव बजाज का खूब मज़ाक उड़ाया।

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