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Monday, November 30, 2020

दुनिया का एकलौता मामला: प्रदूषण को मौत का जिम्मेदार मानने पर कार्यवाही

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लंदन । प्रदूषण दुनिया के लिए, मानवता के लिए समस्या है लेकिन उसका निपटारा नहीं होना भी संकट हैं। प्रदूषण से होने वाले नुकसान पर चर्चा तो अक्सर होती रहती है लेकिन ब्रिटेन का हाईकोर्ट प्रदूषण से मौत के मामले पर सुनवाई करने जा रहा है। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है। जब किसी अदालत ने प्रदूषण के कारण मौत के मामले में संज्ञान लिया है। माना जा रहा है कि इस मामले के बाद प्रदूषण के प्रति लोग सावधान होंगे। ब्रिटेन हाईकोर्ट आज इस केस की सुनवाई करेगा। 2013 में 9 वर्षीय एल्ला कीसी देबराह की लंदन में अस्थमा के दौरे और सांस की तकलीफ के चलते मौत हो गई थी जिसके लिए बढ़ते प्रदूषण को दोषी ठहराया गया है। हवाओं में सांस लेने में दिक्कत की समस्या थी। इसकी वजह यह है कि देबराह के घर के पास लगातार तीन सालों तक वायु प्रदूषण लंदन के निर्धारित मानकों से काफी ज्यादा रहा। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण उसे परेशान होना पड़ा और बाद में जिन्दगी ही खत्म हो गयी। देबराह की मां रोजमंड एल्ला ने अदालत में इस संबंध में याचिका दायर की है। उन्होंने वायु प्रदूषण से मौत का हवाला देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार की लीगल टीम का कहना है कि देबराह की मौत प्रदूषण की वजह से हुई है।

माना जा रहा है कि यह अदालत को तय करना है कि क्या वायु प्रदूषण ही एल्ला कीसी देबराह की मृत्यु का कारण था। यदि प्रदूषण को मौत का कारण माना गया तो वहां के जवाबदेह पर कार्रवाई होना तय है। अदालत इस पर भी विचार करेगी कि क्या स्थानीय सरकार वायु प्रदूषण स्तर को कम करने में विफल रही? एल्ला कीसी देबराह को मौत से पहले 27 बार अस्पताल जाना पड़ा था। उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कोर्ट यह भी देखेगा कि उसकी बीमारी के दौरान क्या प्रदूषण स्तर को सही तरीके से मापा गया था?

जानकर मानते हैं कि यदि हाईकोर्ट प्रदूषण से मौत के आधार को स्वीकार करता है तो फिर सरकारों को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा। अभी तक प्रदूषण पर केवल चर्चाएं ही होती हैं। सेमिनार, गोश्ठियों तक मुद्दा रहता है। प्रदूषण लोगों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन चूंकि इसके परिणाम तुरंत दिखाई नहीं देते। इसलिए बात केवल चर्चा तक सीमित होकर रह जाती है। अब सभी की निगाहें आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

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