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19 November 2020

कभी भूख से तड़पता था ये मुस्लिम देश, आज है दुनिया का सबसे अमीर

 



कतर मिडिल-ईस्ट एशिया का एक समृद्ध देश है। यहाँ गरीबी ना के बराबर है और बेरोजगारी भी 1 प्रतिशत से कम है। माना जाता है कि कतर नाम आज के जुबारा नामक शहर के प्राचीन नाम “कतारा” से उत्पन्न हुआ है, जो प्राचीन समय में क्षेत्र का महत्वपूर्ण बंदरगाह और शहर था। “कतारा” शब्द पोटोल्मी द्वारा बनाए गए अरब प्रायद्वीप के मानचित्र पर पहली बार नजर आया था।

तीन तरफ से समुद्र और एक तरफ से सउदी अरब से घिरा यह देश भी तुर्की और बाद में ब्रिटेन का गुलाम रहा है। 1971 में कतर को ब्रिटेन की गुलामी से आजादी मिली और उसके बाद देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए जो प्रयास हुआ वो दुनिया ही नहीं बल्कि भारत के लिए भी सीखने लायक है। आइए जानते हैं कतर के बारे में कुछ खास रोचक तथ्य।

1) 11,581 वर्ग किलोमीटर में फैले कतर की जनसंख्या लगभग 28 लाख है और आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमे से महज 12 प्रतिशत यानि लगभग 3,36,000 लोग ही कतर के मूल निवासी हैं जबकि बाकी लोग एशियाई, अफ्रीकी और यूरोपियन देशों से वहाँ कमाने गए हुए हैं।

2) अरब प्रायद्वीप में मौजूद इस देश का ज्यादातर हिस्सा समतल और बंजर रेगिस्तान है जो ढीली रेत और बजरी से ढका हुआ है। सर्दियों में कतर का न्यूनतम तापमान औसतन 13 डिग्री, गर्मी में 41 – 50 डिग्री तक होता है। यहाँ प्रति वर्ष औसतन केवल 70 मिमी बारिश ही होती है।

3) कतर की मुद्रा का नाम कतरी रियाल है और 1 रियाल 20.14 रूपए के बराबर है। वहीं प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी कतर दुनिया में पाँचवे स्थान पर है। कतर का पर कैपिटा इनकम 69,687 डॉलर है।

4) कतर दुनिया के उन देशों में से एक है जहाँ महिला और पुरूषों की आबादी में बहुत भारी अंतर है। कतर में पुरूषों की जनसंख्या 80 प्रतिशत है तो महिलाओं की जनसंख्या महज 20 प्रतिशत।

5) कतर में भी दूसरे अरब देशों की तरह महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां हैं। वहाँ महिलाओं को गाड़ी चलाने की परमिशन तो मिली हुई है लेकिन घर से बाहर निकलने पर अबाया जो एक तरह से बुर्के जैसा पोशाक होता है उसे पहनना अनिवार्य है। इन नियम को तोड़ने पर महिलाओं को वहाँ के शरिया कानून के हिसाब से सजा मिलती है।

6) कतर की इकोनॉमी का मुख्य सोर्स वहाँ मौजुद तेल और गैस का अथाह भंडार है। कतर में दुनिया का 14वां सबसे बड़ा तेल भंडार है लेकिन गैस रिजर्व के मामले में कतर का स्थान दुनिया में तीसरा है।

7) एक समय कतर बहुत ही गरीब देश हुआ करता था। सउदी अरब, बहरीन, तुर्की और ब्रिटेन ने इस देश पर शासन किया और अपनी आदत के अनुसार जम कर इसे लूटा भी। इन देशों की गुलामी में कतर का हाल ऐसा था कि वहाँ के स्थानीय निवासी दो वक्त के खाने के मोहताज हो गए थे।

कतर के लोग समुद्र में मछलियाँ पकड़कर और मोती निकाल कर बेचते थे जिससे उनका गुजारा चलता था। 1940 में कतर में तेल की खोज हुई लेकिन उसके बावजूद भी कतर गरीबी से नहीं निकल सका। 1971 में आजादी मिलने के बाद कतर के तत्कालीन शेख खलीफा बिन हमद अल थानी ने तेल का प्रोडक्शन बढाया और दूसरे देशों को उसका निर्यात शुरू किया।

8) 1980 के दशक में जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें गिरनी शुरू हुई तब कतर ने 1989 में गैस रिजर्व की तरफ ध्यान देना शुरू किया। हालांकि गैस प्रोडक्शन की रफ्तार धीमी थी लेकिन गैस एक्सपोर्ट के मामले में कतर के वर्ल्ड लीडर बनने की शुरूआत हो चुकी थी।

1995 में खलीफा बिन हमद अल थानी के बेटे हमद बिन खलीफा अल थानी ने अपने पड़ोसी देशों के सहयोग और अपनी मिलिट्री की मदद से अपने पिता का तख्ता पलट करके खुद कतर के शेख बन गए और नए पद का निर्माण किया जिसका नाम अमीर रखा गया।

9) कतर के शासक का पद सम्भालते ही खलीफा बिन हमद अल थानी ने नेचुरल गैस रिजर्व को डेवलप करना शुरू किया। इसके लिए इंटरनेशनल कंपनीज की मदद से कतर में 14 लिक्विड गैस प्लांट्स खोले गए। इससे प्रोडक्शन बढ़ा और कतर ने पहली बार बड़े पैमाने पर लिक्विड नेचुरल गैस का एक्सपोर्ट शुरू किया।

10) आज कतर दुनिया का सबसे बड़ा नेचुरल गैस का एक्सपोर्टर देश है। नेचुरल गैस के एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई से कतर को बहुत फायदा होता है जिसका सीधा लाभ वहाँ के लोगों को भी मिलता है। कतर के लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है वहीं दूसरी तरह के टैक्स भी नाम मात्र के लगते हैं। इसके अलावा वहाँ के नागरिकों के लिए बिजली, पानी और मेडिकल जैसी सारी सुविधाएं बिल्कुल फ्री है।

11) कतर 2022 में फीफा वर्ल्डकप की मेजबानी करने वाला है। इस आयोजन के साथ ही कतर पूरे अरब प्रायद्वीप का एकमात्र देश बन जाएगा जो इस बड़े स्पोर्ट्स इवेंट की मेजबानी करेगा। इसके लिए कतर में 9 वर्ल्ड क्लास लेवल के स्टेडियम बनाए गए हैं जिनमे से कुछ स्टेडियम की कैपेसिटी 80,000 लोगों की है।

12) कतर का हमाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट की लिस्ट में पहले स्थान पर है। इस एयरपोर्ट से प्रतिवर्ष 50 लाख से भी ज्यादा लोग दुनिया के अलग-अलग देशों के लिए उड़ान भरते हैं।

13) सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं बल्कि कतर एयरवेज भी दुनिया के बेस्ट एयरलाइन्स की लिस्ट में पहले स्थान पर मौजूद है। दुनिया की चुनिंदा एयरलाइंस में शामिल कतर एयरवेज के बेड़े में 192 प्लेन्स हैं और यह दुनिया के 151 शहरों को जोड़ती है।

14) कतर की सरकार ने 1996 में अल जजीरा के नाम से एक टेलीविजन नेटवर्क बनाया जिसने अरब दुनिया में खबरों की कवरेज और प्रसारण के तौर तरीकों को ही बदल दिया। यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय न्यूज चैनलों में से एक है।

15) कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने 2013 में अपने पिता शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के गद्दी छोड़ने के बाद सत्ता संभाली। वह सभी अरब देशों में सबसे कम उम्र के शासक यानि अमीर हैं। हालांकि तमीम बिन हमद अल-थानी का शासन काफी विवादास्पद रहा है।

उन पर अरब देशों ने आतंकवाद को पनाह देने का आरोप लगाया और सऊदी अरब, UAE, Egypt और बहरीन समेत सात देशों ने कतर से रिश्ते तोड़ लिए। यहाँ तक कि इन देशों ने अपने देश के एयर स्पेस में कतर को घुसने से मना भी कर दिया था।

16) तेल और लिक्विड गैस के अथाह भंडार के कारण यह देश दुनिया के अमीर देशों में शामिल है। इसकी अमीरी विदेशी लोगों को आकर्षित करती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कतर में मैकडोनाल्ड के एक बर्गर की कीमत भारतीय रूपए में करीब 300 रूपए है लेकिन अगर आप वहाँ पर एक लीटर पेट्रोल खरीदते हैं तो आपको महज 1.250 कतरी रियाल यानि लगभग 25 भारतीय रूपए देने होंगे।

17) जब कतर गरीब हुआ करता था तब यहाँ के लोग मछली और मोतियों से अपनी कमाई करते थे। आज भले ही उन्हे इन सब चीजों की जरूरत नहीं है लेकिन कहते हैं न कि अगर आपके पास कोई हुनर है तो उसके कद्रदान खुद ही मिल जाते हैं।

यही कारण है कि दुर्लभ मोतियों के खोज में आज भी कतर के लोगों का कोई जवाब नहीं है। वे मोती खोजने के लिए देश के तटों से लेकर सागर की गहराई तक में चले जाते हैं और मजे की बात यह है कि कतरी लोग ये काम शौकिया तौर पर करते हैं मतलब इस काम के लिए उन्हे पैसे की जरूरत नहीं होती है।

18) कतर की बात करें और Pearl Of Qatar के बारे में न बताएं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। क़तर ने समुद्र में कृत्रिम रूप से बहुत ही सुन्दर Island बनाया है जिसे Pearl Of Qatar के नाम से भी जाता है, और यह दुनिया में बहुत मशहूर है। ऊँचाई से देखने पर यह मोती के तारों की तरह दिखता है। महज डेढ वर्ग किलोमीटर में फैले इस आइलैँड्स पर आधुनिक लाइफस्टाइल की हर फैसिलिटी मौजूद है।

19) एक समय कतर सउदी अरब के कब्जे में था। बाद में आजादी देने के वक्त ब्रिटेन ने भी कतर को सउदी अरब के संरक्षण में देना चाहा था जिससे कतर ने साफ मना कर दिया था। इस पर सउदी अरब जल-भुन गया और कतर को परेशान करने लगा। जिस कारण कतर को सउदी अरब से रक्षा के संबंध में डर महसूस हुआ।

लेकिन कतर के पास इतनी जनसंख्या नहीं थी कि वो खुद की सेना बना सके, इसलिए उसने दूसरे देशों को अपने देश में सैनिक अड्डा बनाने के लिए आमंत्रित किया। 1996 में कतर ने बहुत बड़ा अल उदैद एयर बेस तैयार किया और ये बेस अमेरिका की सेना को सौंप दिया। स्थायी तौर पर वहाँ अमेरिकी सेना के होने के बाद कतर जबरदस्त सुरक्षित देश हो गया।

20) हालांकि कतर एक रेगिस्तानी देश है, लेकिन यहाँ वनस्पतियों और जीवों की विविधता भी है। इसका खास उदाहरण पर्पल आइलैंड है। अल खोर की बस्ती के पास दोहा से 40 किमी की दूरी पर स्थित, पर्पल द्वीप एक मछली के आकार का द्वीप है, जिसमें पूरे रास्ते में कई कम चूना पत्थर की चट्टानें हैं और एक मैंग्रोव जंगल है जिसमें कई प्रकार की मछलियाँ, शंख और पक्षियों के साथ-साथ गुलाबी राजहंस भी पाए जाते हैं। इसके अलावा कतर का अल-ठकीरा गाँव कई अद्भूत और दुर्लभ मछलियों के लिए फेमस है।

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