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07 October 2020

इन विशेष तिथियों पर पति-पत्नी को नहीं बनाना चाहिए संबंध, चली जाती है सुख-समृद्धि

 


महिला और पुरुष इस ब्रह्मांड के दो ऐसे स्तंभ हैं, जिनसे यह सृष्टि चल रही है। विवाह के उपरान्त स्त्री-पुरुष का मिलन एक निकृष्ट कर्म है। इस दौरान दोनों के बीच का शारीरिक संबंध मान्यताओं के अनरूप ही माना जाता है। एक-दूसरे के बिना ये अधूरे हैं और विवाह के बाद इनका मिलन एक पवित्र घटना होती है। लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैवाहिक दंपत्ति कुछ विशेष तिथियों पर एक-दूसरे से संबंध बनाने से बचना चाहिए। अन्यथा घर से ना केवल सुख-समृद्धि चली जाती है बल्कि कई तरह के नुकसान भी होते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी तिथियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें शारीरिक संबंध नहीं स्थापित करने चाहिए…

पूर्णिमा तिथि पर पति-पत्नी न बनाएं संबंध- पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म ग्रथों में एक विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के मुताबिक यह तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित होती है इस रात महालक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है और माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए इस रात पति-पत्नी का शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए। इस शुभ रात में संबंध बनाने से महालक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

अमावस्या तिथि पर पति-पत्नी न बनाएं संबंध- शास्त्रों के मुताबिक पति-पत्नी को अमावस्या की तिथि पर संबंध बनाने से बचना चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अमावस्या की रात नकारात्मक शक्तियां ऊर्जावान हो जाती हैं, साथ ही यह तांत्रिकों की रात भी मानी जाती है। अमावस्या को दान-पुण्य का कार्य करना चाहिए और पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं।

पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर पति-पत्नी न बनाएं संबंध- पूर्वजों की मृत्यु तिथि की रात भी पति-पत्नी को एक-दूसरे से अलग रहना चाहिए अर्थात संबंध नहीं बनाने चाहिए। इस तिथि पितरों को याद करना चाहिए और उनके नाम का दान और भोज करना चाहिए। इसलिए तन, मन और कर्म से शुद्धि का होना बहुत जरूरी है। इस रात संबंध बनाने से पितर नाराज हो जाते हैं, जिससे वंश वृद्धि में समस्या आती है और पितृदोष भी लगता है।

एकादशी तिथि पर पति-पत्नी न बनाएं संबंध- भगवान विष्णु की पवित्र एकादशी को बहुत शुभ माना जाता है। भगवान कृष्ण ने कहा है कि एकादशी के व्रत और पूजन करने से मानव के पाप कर्मों का नाश होता है और जो उपवास नहीं भी रहते हैं, उनको भी एकादशी के नियमों का पालन करना चाहिए। इसलिए इस रात पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है और भगवान के कोप का भाजन बनना पड़ता है।

शिवरात्रि तिथि पर पति-पत्नी न बनाएं संबंध- हर माह आने वाली शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का शास्त्रों और पुराणों में विशेष महत्व बताया है। इस दिन पवित्रता और शुद्धता का खास ध्यान रखना चाहिए। शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन ब्रह्मचर्य का पूरी तरह पालन करना चाहिए। तब ही इस शुभ तिथि का पूर्ण लाभ मिलता है। इस रात संबंध बनाने से भंयकर परिणाम का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही अशुभ ग्रहों का असर भी पड़ता है।

नवरात्र तिथि पर पति-पत्नी न बनाएं संबंध- सनातन धर्म में नवरात्र के नौ दिन बेहद पवित्र माने जाते हैं। कुछ लोग पूरे व्रत रखते हैं और कुछ प्रथम व अष्टमी का रखते हैं। इस दिन मां भगवती की विधि-विधान से पूजा की जाती है और कलश स्थापना की जाती है इसलिए शास्त्रों में नौ दिन शारीरिक संबंध स्थापित करना निषेध बताया गया है। ऐसा करने से पूरे परिवार में अशुभ प्रभाव पड़ता है और अशुभ ग्रहों के प्रभाव से जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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