हाथरस कांड को मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, यूपी सरकार व डीजीपी को भेजा नोटिस - Bollyycorn

Breaking

Bollyycorn

Bollywood-Hollywood-TV Serial-Bhojpuri-Cinema-Politics News, Gadgets News

01 October 2020

हाथरस कांड को मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, यूपी सरकार व डीजीपी को भेजा नोटिस

 

hathras-rape-victim-funeral

नई दिल्ली। यूपी के हाथरस जिले में दलित लड़की के साथ हुई हैवानियत की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। लोगों में सरकार और पुलिस के प्रति आक्रोश है। वहीं मानवाधिकार आयोग ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री और सूबे के पुलिस मुखिया को नोटिस भेजा है। आयोग ने जवाब दाखिल करने के लिए सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है। गौरतलब है कि प्रदेश के हाथरस जिले में 19 साल की दलित लड़की के साथ कुछ दिनों पहले गैंगरेप हुआ था। घटना को इतने वीभत्स तरीके से अंजाम दिया गया था कि गैंगरेप के बाद लड़की की जीभ काट दी गई थी और उसकी रीढ़ की हड्डियां तोड़ दी गई थीं। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उसका गला घोंटने की भी कोशिश की थी। घटना मेंl बुरी तरह से घायल लडकी को पहले सबसे पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और फिर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी थी। बाद में उसे इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान घटना के 15 दिन बाद उसकी मौत हो गयी।

आयोग में बयान जारी कर कहा है ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हाथरस जिले में दलित जाति से आने वाली की 19 साल की लड़की से हुई हैवानियत और गैंगरेप मामले में स्वत: संज्ञान लिया है।’ खबरों की मानें तो पीड़िता 14 सितंबर को अपनी मां के साथ खेत गयी थी, वहीं से वह लापता हो गई थी और 22 सितंबर को वह बुरी तरह से घायल अवस्था में मिली थी। उसका गैंगरेप हुआ था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मुताबिक लडकी के साथ हुए हैवानियत से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस में मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की।’

पुलिस पर लगा जबरन दाह संस्कार का आरोप 

आयोग ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि पुलिस पीड़िता को खोजने और बचाने के लिए समय पर कार्रवाई करने में सक्षम नहीं थी, जिसके कारण उसे गंभीर क्रूरता के शिकार होने से नहीं बचाया जा सका।’ आयोग ने कहा, अपराधियों ने जिस निर्दयता ने इस घटना को अंजाम दिया उससे पता चलता है कि उनके मन में कानून का कोई डर नहीं था। परिवार को एक अपूरणीय क्षति हुई है। आयोग ने यह भी कहा, परिवार ने भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने जबरन पीड़िता के शव का दाह-संस्कार किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जो भी किया गया वह परिवार की मर्जी किया गया।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए। इस पोस्ट को शेयर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए आप बॉलीकॉर्न.कॉम (bollyycorn.com) के सोशल मीडिया फेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम पेज को फॉलो करें।

No comments:

Post a Comment