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17 October 2020

एक ऐसा मंदिर, जहां धरना देने से होती है मन की मुरादें पूरी, मुस्लिम लोग भी लेते हैं आशीर्वाद

 

netula mandir

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 17 अक्तूबर से हो रहा है. देशभर में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाए. हर तरफ मां के जयकारे सुनाई देंगे. भले ही इस साल कोरोना की वजह से मंदिरों में हर साल भक्तों का तांता नहीं देखने को मिलेगा. लेकिन भक्त अपने-अपने घरों में मां की पूरे नौ दिनों तक श्रद्धाभाव के साथ पूजा करेंगे. चूंकि नवरात्र शुरू होने वाले हैं तो हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जहां माता के भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए धरना देते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से सारी मुरादें पूरी हो जाती हैं.

मुरादों के लिए धरना
जिस मंदिर के बारे में हम आपको बता रहे हैं वह बिहार के जमुई जिले में सिंकदरा प्रखंड के कुमार गांव में स्थित है. मंदिर का नाम है नेतुला मंदिर (Netula Mandir). यूं तो इस मंदिर में पूरे साल दूर-दूर से मां के भक्त आशीर्वाद लेने लाते हैं लेकिन सबसे अधिक भीड़ नवरात्र के दिनों में देखने को मिलती है.
मंदिर में मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा भी की जाती है.
हफ्ते में दो दिन विशेष पूजा
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो इस पावन स्थल पर माता सती की पीठ गिरी थी और मां के पावन शक्तिपीठ धामों में दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है. नेतुला मंदिर में सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा आयोजित की जाती है. इस मंदिर को मां के शक्तिपीठ धामों में से एक माना गया है.

30 दिनों के लिए देते हैं धरना
मान्यता है कि मां नेतुला मंदिर में 30 दिनों तक लगातार सच्चे मन और श्रद्धा भाव से धरना देने से भक्तों की सारी मुरादें पूरी होती है. कहा तो ये तक जाता है कि जो व्यक्ति धाम में धरना देता है और आंखों से देख नहीं पाता.
उसे यहां आकर धरना देने से आंखों की खोई हुई रोशनी मिल जाती है और नि:संतान दंपत्तियों को संतान की प्राप्ति हो जाती है.

मुस्लिम समुदाय भी करते हैं दर्शन
मां नेतुला मंदिर में सिर्फ हिंदू धर्म के ही नहीं बल्कि मुस्लिम धर्म के लोग भी मां के दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर में नियमित रूप से सुबह व शाम मां का फूलों से श्रृंगार किया जाता है व आरती की जाती है.

नोटः इस आलेख में दी गई सारी जानकारियां मान्यताओं और सामान्य जानकारी के आधार पर है. bollyycorn इसकी पुष्टि नहीं करता.

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