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03 October 2020

आर्मेनिया में जमकर तबाही मचा रहा इजरायली किलर ड्रोन, भारत भी खरीदने की जुगत में

 

आर्मेनिया में जमकर तबाही मचा रहा इजरायली किलर ड्रोन, भारत भी खरीदने की जुगत में

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जारी युद्ध के हालात थमने का नाम नहीं ले रहे । दोनों देशों के बीच सोमवार से शुरू हुई लड़ाई में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। गौर करने वाली बात ये है कि अजरबैजान की सेना आर्मेनिया के सैनिकों और टैंकों को निशाना बनाने के लिए इजरायली ड्रोन का इस्‍तेमाल कर रही है, Harop Kamikaze Drones को युद्ध क्षेत्र का किलर ड्रोन कहा जा रहा है ।

क्‍या है खासियत ?
इस किलर ड्रोन की खासियत है इसका आत्मघाती होना, ये दुश्मन के क्षेत्र की रेकी करने के अलावा टारगेट दिखने पर उससे भिड़कर खुद को उड़ा लेते हैं। इसी वजह से आर्मेनिया की सेना को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। आमेर्निया के कई सैनिक ड्रोन हमलों में मारे गए हैं । युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन से लड़ा जा रहा यह युद्ध भविष्य में होने वाले युद्धों में ड्रोन्स के उपयोग की नई इबारत लिख सकता है ।

अजरबैजान के पास 60 फीसदी इजरायली हथियार
जानकारी के अनुसार आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जारी जंग में तुर्की और पाकिस्तान भी शामिल है । ये दोनों ही देश अपने यहां से आतंकियों को अरजबैजान की तरफ से लड़ने के लिए तैयार कर रहे हैं । जबकि इजरायल अजरबैजान को हथियारों की सप्लाई कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अजरबैजान के कुल हथियार खरीद का 60 फीसदी हिस्सा इजरायल से आता है। इन्‍हीं हथियारों की बदौलत अजरबैजान आर्मेनिया की सेना पर भारी पड़ रहा है।

इजरायली ड्रोन है बहुत ही घातक
इस इजरायली ड्रोन का नाम है Harop Kamikaze Drones । इसे हीरो-120 या किलर ड्रोन के नाम से भी जाना जाता है । ड्रोन को इजरायलीएयरोस्पेस इंडस्ट्री के एमबीटी डिविजन ने तैयार किया है । इस ड्रोन का उपयोग अजरबैजान की सेना 2016 की झड़प के दौरान भी कर चुकी है। ड्रोन में अलग से कोई मिसाइल नहीं है, बल्कि यह खुद एक मिसाइल है। ड्रोन में लगा हुआ एंटी-रडार होमिंग सिस्टम दुश्मन के रडार को जाम तक कर सकता है। इजरायली हैरोप ड्रोन एक बार में 6 घंटे की उड़ान भर सकता है। ये बेस स्टेशन से 1000 किलोमीटर की दूरी तक ऑपरेट किया जा सकता है।

भारत भी कर रहा खरीदने की तैयारी
आपको बता दें इंडियन स्पेशल फोर्स के पास ये ड्रोन पहले से ही इस्‍तेमाल में हैं । एनएसजी और दूसरी स्पेशल फोर्सेज के पास ये है । आर्मी के के लिए इसकी खरीद को लेकर अभी इजरायल से बातचीत जारी है । भारत की ओर से इस ड्रोन को लेकर रिकवेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन भी जारी किया जा चुका है । वर्तमान में चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं, ऐसे में ये ड्रोन भारत के लिए मददगार साबित हो सकता है ।

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