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18 October 2020

ताहिर हुसैन ने पेट्रोल, तेजाब, पिस्तौल, गोली और तलवार खरीदने के लिए खर्च किए थे सवा करोड़ रुपए

 

नई दिल्ली। दंगा चाहे छोटा हो या बड़ा उसके जख्म भरने में वर्षों लग जाते हैं। किसी भी मजहब के लोग कभी दंगा नहीं चाहते बावजूद इसके देश में दंगे होते रहते हैं। क्योंकि अक्सर यह कह कर खुद का दिलासा दे दिया जाता है कि दंगाइयों की कोई जाती नहीं होती। लेकिन सच यह है कि अगर दंगाई विशेष समुदाय से हों तो उस पर पर्दा जरूर डाला जाने लगता है। शायद यही कारण भी है कि देश के अंधिकत्तर दंगों में इसी विशेष समुदाय के लोगों का नाम सबसे ऊपर है। इसी तरह दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ जो सबूत मिल रहे हैं वह हैरान करने वाले हैं। इससे यह लगता है कि ताहिर हुसैन जैसे सपोले हैं जिन्हें यहां के लोग कितना भी अपना मान लें, लेकिन जब मौका लगेगा तो ऐसे लोग डंसने से नहीं चूकेंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताहिर हुसैन के खिलाफ धनशोधन मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है।

ईडी ने आरोपपत्र में उत्तर—पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों में ताहिर हुसैन की तरफ से बड़ी धनराशि खर्च किए जाने का आरोप लगाया है। ईडी के मुताबिक लगभग सवा करोड़ रुपए से दंगों के लिए हथियारों की खरीदारी की गई। बता दें कि कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के साथ ही सह-आरोपी अमित गुप्ता के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया है। आरोपपत्र में ईडी ने कहा है कि जांच में पता चला है कि ताहिर हुसैन और उससे जुड़े लोगों ने दंगे के लिए करीब एक करोड़ दस लाख रुपए का धनशोधन किया है। दंगों के लिए जुटाए गए इस धन को शेल व डमी कंपनी के जरिए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शनों में खर्च किया गया।

आरोपपत्र के मुताबिक दंगों की तैयारी जनवरी में ही पूरी कर ली गई थी और इस रुपए को दंगों के लिए घातक हथियार जैसे पेट्रोल, तेजाब, पिस्तौल, गोली, तलवार व चाकू आदि खरीदने में खर्च किया गया। ईडी ने अपने आरोपपत्र में दावा किया है कि इस मामले में ताहिर हुसैन का पूरा साथ अमित गुप्ता नामक व्यक्ति ने दिया। इसके नाम पर शैल कंपनी खोली गई और दंगों के लिए जुटाए गए धन को इसमें स्थानान्तरित किया गया। आरोपपत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि ताहिर हुसैन की इस साजिश के चलते फरवरी में भड़के दंगों में 53 लोगों की जान चली गई, जबकि दो सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

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