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24 October 2020

ये दुनिया की सबसे मंहगी करेंसी भगवान राम की छपी है तस्वीर, एक नोट की कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे

 


इन दिनों भगवान राम की गूंज देश की नहीं बल्कि दुनियाभर में गूंज रही है. क्यों कि जिस दिन पीएम मोदी ने भगवान राम के मंदिर की आधारशिला रखी थी.. उस दिन अमेरिका समेत कई देशों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं थी. जिसमें रामभक्त भगवान राम के रंग में रंगे हुए नज़र आ रहे थे. यानी कि 500 सालों के एक लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर के भूमिपूजन के साथ ही रामयुग की शुरूआत हो गई है. ऐसे में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है जिसे शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दुनिया की सबसे मजबूत और महँगी करेंसी का नाम राम है.

साथ ही बताया जा रहा है कि आज की तारीख में 1 राम की कीमत 10 यूरो के बराबर है. बता दें कि 1 यूरो फिलहाल 88 रूपये 65 पैसे के बराबर है. यानी कि दावे के हिसाब से एक राम की कीमत लगभग 886 रूयये है. कहा जा रहा है कि ये मुद्रा आज भी चलती है और इसे हॉलैंड की डच सरकार ने मान्यता दी हुई है. सोशल मीडिया पर इस दावे को शेयर करते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत पटेल उमराव ने लिखा कि महर्षि महेश योगी ने हॉलैंड में आज से लगभग बीस साल पहले “राम” नाम से करेंसी चलाई थी.

साथ ही उन्होंने 1, 5 और 10 ‘राम’ का नोट भी शेयर किया, जिस पर भगवान राम की तस्वीर बनी हुई है और साथ ही ‘विश्व शांति राष्ट्र’ लिखा हुआ है. इस पर ‘नीदरलैंड’ भी लिखा हुआ है. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस दावे को आगे बढ़ाया और लिखा कि एक हमारे यहाँ के ‘सेकुलर’ नेता हैं, जो राम नाम को ही सांप्रदायिक मानते हैं. और दूसरी ओर विदेशी सरकार है, जो प्रभु राम को मान-सम्मान दे रही है और उनके नाम पर करेंसी भी है.

सोशल मीडिया पर तूफान की तरह वायरल हो रहे इन दावों की असल सच्चाई जानने के लिए हमने भी पड़ताल की तो पाया कि राम नाम की करेंसी हॉलैंड में है और इसे वहाँ मान्यता भी मिली हुई है. इस दौरान हमें फ़रवरी 2003 की एक बीबीसी की खबर मिली, जिसके मुताबिक साल 2003 में नीदरलैंड में क़रीब 100 दुकानों, 30 गाँवों और शहर के कुछ हिस्सों में राम मुद्रा चलती थी. उस वक़्त डच सेंट्रल बैंक ने कहा था कि वो राम मुद्रा पर नज़र बनाए हुए हैं. उन्हें विश्वास है कि महर्षि महेश योगी की संस्था क्लोज़ ग्रुप में ही इस करेंसी का इस्तेमाल करेगी और क़ानून से बाहर जाकर कुछ नहीं करेगी. महर्षि मूवमेंट के ‘वित्त मंत्री’ रहे बेंजमिल फेल्डमैन ने कहा था कि गरीबी से लड़ने में राम मददगार साबित हो सकता है और कृषि में इसके उपयोग को बढ़ावा मिलना चाहिए. फ़िलहाल इसे आर्थिक विशेषज्ञ ‘बेयरर बॉन्ड’ या लोकल करेंसी कहते हैं. नीदरलैंड के 30 शहरों में इसका उपयोग किया जाता है. लोवा में स्थित महर्षि सिटी को इसकी राजधानी कहा जाता है.

आपको बता दे कि नीदरलैंड के अलावा अमेरिका में भी भगवान राम की करेंसी चलती है. हालांकि इन नोटों को वहां आधिकारिक मुद्रा नहीं माना गया है बल्कि ये एक खास सर्कल के भीतर इस्तेमाल होती है. अमेरिका के एक स्टेट आयोवा की एक सोसाइटी के भीतर राम मुद्रा चलती है. यहां अमेरिकन इंडियन जनजाति आयवे के लोग रहते हैं. अमेरिका की इस सोसायटी के लोग महर्षि महेश योगी को मानते हैं. महर्षि वैदिक सिटी में बसे उनके अनुयायी कामों के बदलों में इस मुद्रा में लेनदेन करते हैं. साल 2002 में द ग्लोबल कंट्री ऑफ वर्ल्ड पीस नाम की एक संस्था ने इस मुद्रा को जारी किया और समर्थकों में बांटा.

तो वहीं एक राम मुद्रा का मूल्य 10 अमेरिकी डॉलर तय किया गया. इस तरह के तीन नोटों का मुद्रण हुआ. जिस नोट पर एक राम, उसका मूल्य 10 डॉलर, जिसपर दो, उसकी कीमत 20 डॉलर और जिसपर राम की तीन तस्वीरें छपी हुई हों, उसकी कीमत 20 अमेरिकी डॉलर के बराबर आंकी गई. आश्रम के भीतर सदस्य इनका इस्तेमाल आपस में करते हैं. आश्रम से बाहर जाने पर राम मुद्रा के मूल्य के बराबर डॉलर ले लेते हैं. तो वहीं दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया के नोट पर गणेश जी की तस्वीर छपी हुई. इंडोनेशिया की करेंसी को रूपियाह कहते हैं, वहां, 20 हजार के नोट पर भगवान गणेश की फोटो है.

दरअसल, भगवान गणेश को इंडोनेशिया में शिक्षा, कला और विज्ञान का देवता माना जाता है. 20 हजार की नोट पर सामने भगवान गणेश की तस्वीर और पीछे क्लासरूम की तस्वीर है, जिसमें टीचर और स्टूडेंट्स हैं. साथ ही नोट पर इंडोनेशिया के पहले शिक्षा मंत्री की हजर देवांत्रा की भी तस्वीर है. देवांत्रा इंडोनेशिया की आजादी के नायक रहे हैं. इंडोनेशिया में करीब 90 फीसदी आबादी इस्लाम धर्म को मानती है. वहां सिर्फ 3 फीसदी हिन्दू आबादी है. इसके बावजूद भी यहां ढेर सारे हिंदू मंदिर हैं. रामायण का पाठ होता है. यहां के लोगों के नाम हिंदूओं के नाम पर ही रखे जाते हैं. इंडोनेशिया और भारत में काफ़ी सारी सांस्कृतिक समानताएं देखने को मिलती हैं. इसलिए हमारी पड़ताल में सामने आय़ा है कि ये दावा सही है कि राम करेंसी को हॉलैंड में डच सरकार की मान्यता मिली हुई है और इसकी कीमत 10 यूरो है. लेकिन, बात ‘ लीगल टेंडर’ की हो तो इसे दुनिया की सबसे महँगी करेंसी नहीं कह सकते. क्यों कि ये करेंसी लोकल करेंसी हैं.

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