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17 October 2020

50 के दशक की ‘देवी’, इंडस्ट्री में आकर बदला नाम, अमिताभ बच्चन की मां बनकर हुई सुपरहिट

 


हिंदी फिल्मों में जब भी मां के किरदार का जिक्र होता है तो लिस्ट में सबसे पहला नाम निरूपा रॉय का आता है. उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी से ना सिर्फ मां के चरित्र को एक नया आयाम दिया बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी एक खास जगह बनाई. निरूपा रॉय (Nirupa Roy) एक ऐसा किरदार बनकर उभरी कि उन्होंने ‘बॉलीवुड की मां’ का खिताब दे दिया गया. जानकर हैरानी होगी की बड़े पर्दे पर मां का किरदार निभाने वाली निरूपा की शादी महज 15 की उम्र में कमल रॉय से हो गई थी. इसके बाद वह मुंबई पहुंची और यहीं आकर उनके दो बेटे हुए- योगेश और किरण का जन्म हुआ.

क्या है असली नाम
बहुत कम लोग ही उनके असली नाम से वाकिफ हैं. दरअसल उनका असली नाम कोकिला किशोरचंद्र बुलसारा था मगर इंडस्ट्री में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर निरूपा रॉय रख लिया. वैसे सिर्फ निरूपा ही नहीं कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने इंडस्ट्री में आने के बाद अपनी असली पहचान सबसे छुपाई थी.

50 साल का करियर 500 फिल्में
निरूपा के करियर की शुरुआत साल 1946 में हुई थी. उनकी पहली फिल्म ‘रणकदेवी’ थी. निरूपा ने फिल्म इंडस्ट्री में 50 सालों तक काम किया और 500 से अधिक फिल्मों में अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता. इन फिल्मों में अधिकतर फिल्में ऐसी हैं जिसमें निरूपा का किरदार एक मां का था और लोगों ने भी उन्हें इसी रूप में पसंद भी किया.

इसके अलावा उन्होंने 16 फिल्मों में देवी का किरदार निभाया था. इसी कारण लोग उन्हें देवी सचमुच की देवी मानने लगे थे. ऐसा कहा जाता है कि, कुछ लोग ऐसे भी थे जो निरूपा रॉय को देवी मानकर उनके पैर छूते थे.

50 के दशक में देवी
निरूपा रॉय के 50 सालों के फिल्मी करियर में उन्हें दो खिताब मिले. पहला 50 के दशक में ‘देवी’ का और दूसरा 70-80 के दशक में ‘मां’ का. निरूपा ने कई फिल्मों में बड़े-बड़े स्टार्स की भी मां का किरदार निभाया. इस लिस्ट में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, जितेंद्र जैसे एक्टर्स शामिल हैं.

आखिरी बार निरूपा को मां के रोल में साल 1999 में आई फिल्म ‘लाल बादशाह में अमिताभ बच्चन के साथ देखा गया था. इसके बाद 13 अक्तूबर साल 2004 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन उनकी छाप आज भी लोगों के दिलों में हैं.


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