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16 October 2020

बलोच क्रांतिकारियों से अपने चीनी आकाओं को बचाने में 21 पाकिस्तानी जवान मारे गये

 


पाकिस्तान के जले पर नमक छिड़कने में बलोच क्रांतिकारी एक भी अवसर नहीं जाने देते हैं। अभी हाल ही में दो आत्मघाती हमलों में पाकिस्तान को ज़बरदस्त नुकसान पहुंचा है, क्योंकि उसकी सेना के करीब 21 सैनिक इन दोनों हमले में मारे गए हैं। एक हमला ग्वादर पोर्ट के निकट हुआ, तो दूसरा वज़ीरिस्तान में हुआ। ये हमला न केवल पाकिस्तान के लिए हानिकारक रहा है, बल्कि चीनी साम्राज्यवादियों को भी बलोच क्रांतिकारियों की खुली चेतावनी है।

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, “समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान में उग्रवादियों ने पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में जा रहे पाकिस्तानी तेल एवं गैस कर्मचारियों के काफिले पर हमला बोल दिया जिसमें सुर‍क्षाकर्मियों समेत 15 लोग मारे गए। शुरू में हमले का दावा बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने किया लेकिन बाद में एक नए उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली। पाकिस्‍तानी अधिकारियों ने बताया कि हमले में पाकिस्तान की ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी के सात कर्मचारियों और पाकिस्तान फ्रंटियर कोर के आठ जवानों की मौत हो गई।”

तो इन हमलों से भला चीन को क्या नुकसान होगा? दरअसल, पहला हमला ग्वादर पोर्ट के रास्ते में हुआ था, जहां चीन ने CPEC और बीआरआई परियोजनाओं के अंतर्गत काफी भारी मात्रा में निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट बलूचिस्तान में आता है, और यहाँ के स्थानीय निवासी अपनी भूमि को चीन और पाकिस्तान की राजनीतिक मंशाओं के लिए अखाड़ा बनाने की नीति का विरोध करते आए हैं।

इससे पहले भी बलोच क्रांतिकारियों ने CPEC के अनेकों प्रोजेक्ट्स को ध्वस्त करने के लिए कई हमले करते रहे हैं, लेकिन गुरुवार का हमला अपने आप में काफी अहम है, क्योंकि पहली बार किसी हमले में इतने पाकिस्तानी सैनिक एक साथ मारे गए हैं। चूंकि हमले में चीन की परियोजनाओं पर भी असर पड़ रहा है, इसलिए पाकिस्तान नहीं चाहता था कि इसके बारे में किसी को पता चले, ताकि इनवेस्टमेंट आती रहे लेकिन यह बात ज़्यादा देर तक नहीं छुपी रही, और जल्द ही यह खबर सुर्खियों में छा गई।

लेकिन यह अकेली घटना नहीं हुई है। जागरण की रिपोर्ट में आगे बताया गया, “पाकिस्‍तानी सेना ने अपने बयान में कहा है कि आतंकवादियों ने उत्तरी वजीरिस्तान के रजमाक क्षेत्र के पास आईईडी धमाका करके सैन्य काफिले को निशाना बनाया। हमले में एक कैप्टन और पांच अन्य सैनिक मारे गए। घटना के बाद हमलावरों की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू किया गया समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार हमले के तुरंत बाद बलोच राजी अजोई सिंगर (Baloch Raji Ajoi Singer, BRAS) ने ट्वीट करके हमले की जिम्मेदारी ली।”

इस घटना से बलूचिस्तान की ओर से पाकिस्तान और चीन को एक स्पष्ट संदेश भेजा गया है – हमारी ज़मीन पर कब्जा करने की सोचना भी नहीं। इससे चीन की एक बार फिर पोल खुल गई। आखिर जो अपने परियोजनाओं को कुछ क्रांतिकारियों से नहीं बचा पा रहा है, वो कैसे विश्वविजेता बनने की सोच भी सकता है?

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