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10 September 2020

हिंदी दिवस स्पेशल: जानें कब और कैसे हुई हिंदी दिवस की शुरूआत


हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है, और हिंदी हमारी राजभाषा कैसे बनी। इसके बारे में आज आपको इस पोस्ट के द्वारा बताएंगे।

हिंदी को राजभाषा का दर्जा 14 सितम्बर 1949 को मिला, उस दिन से लेकर आज तक यह दिन हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

परंतु आप जानना चाहते हो कि हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है। तो चलिए जानते है हिंदी दिवस से जुड़ी कुछ विशेष बातें :-

  • हिंदी, भारतीय गणराज्य की राजकीय और भारतीय आर्य भाषा है।
  • 50 से अधिक बोलियों में हिंदी भाषा का उपयोग किया जाता है ।
  • हिंदी की प्रमुख बोलियां अवधी, भोजपुरी, ब्रजभाषा, छत्तीसगढ़ी, गड़वाली, हरियाणवी, कुमाऊनी, माग्धी और मारवाड़ी आदि बोलियां है।

हिंदी हमारी राजभाषा कैसे बनी ?

सन 1947 में जब ब्रिटिश हुकूमत से भारत आजाद हुआ तो उनके सामने भाषा को लेकर सबसे बड़ा सवाल था । क्योंकि भारत में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती है ।

हिंदी हमारी राजभाषा कैसे बनी इसको पूरा समझने के लिए आप निम्न बिंदुओं का अनुसरण कर सकते हैं

  • 6 दिसम्बर 1949 में स्वतंत्र भारत का सविधान तैयार करने के लिए सविधान सभा का गठन हुआ।
  • सविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को सविधान के अंतिम प्रारूप को मंजूरी दे दी ।
  • और अंत में 26 नवम्बर 1950 से सविधान को सम्पूर्ण भारतवर्ष में लागू किया गया ।

लेकिन भारत के लिए किस भाषा को राष्ट्रभाषा चुना जाए, ये मुद्दा अहम था । काफी सोच विचार के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र भारत की भाषा चुन लिया गया । तथा सविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था ।

14 सितम्बर 1949 को सविधान सभा ने एकमत से निर्णय लिया की हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी ।

तब देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहलाल नेहरू जी ने घोषणा कर के कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया जाएगा

पाठक इस बात को विशेष ध्यान रखें कि पहली बार हिंदी दिवस 14 सितम्बर 1953 को मनाया गया था ।

आप सभी को हिंदी दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं!!!

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