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05 September 2020

बड़ा एलान करने की तैयारी में सरकार, एससी-एसटी की हुई हत्या तो परिवार के सदस्य को मिलेगी नौकरी

बिहार में जल्द विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उससे पहले वोट बैंक की राजनीति भी तेज हो गई है। चुनाव से पहले अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) वोटरों को आकर्षित के लिए सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति के किसी भी व्यक्ति की हत्या होने पर उसके परिवार के किसी एक सदस्य को अनुकंपा (Compassionate) के आधार पर नौकरी मिलेगी। इसे लेकर सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द से जल्द कानून बनाने के लिए कहा है। सीएम नीतीश ने यह निर्देश अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1995 के अंतर्गत गठित राज्यस्तरीय सतर्कता और मानीटरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक को संबोधित करते हुए सीएम ने अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के अंतर्गत अब तक विचाराधीन पड़े मामलों को 20 सितंबर तक निपटाने के आदेश दिए।

सीएम अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग के सचिव प्रेम कुमार मीणा को इन मामलों के जल्द से जल्द निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अफसरों से संपर्क में रहने के निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए हुई बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, एससी-एसटी कल्याण विभाग के मंत्री रमेश ऋषिदेव, के अतिरिक्त कई सांसद, विधायक और जन प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने जो सुझाव दिए हैं उन पर शीघ्र कार्रवाई हो। गरीब बेघर एससी-एसटी परिवारों को जमीन देने और उनके लिए आवास निर्माण जैसे अन्य कामों में तेजी लाई जाये। वहीं डीजीपी से भी सभी थानों में दर्ज मामलों की समीक्षा थानावार करने को कहा गया है।

नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती कहा है कि बिहार विधानसभा आमचुनाव के पहले वर्तमान सरकार एक बार फिर एससी/एसटी वर्ग के लोगों को अनेकों प्रलोभन/आश्वासन आदि देकर उनके वोट के जुगाड़ में है जबकि अपने पूरे शासनकाल में इन्होंने इन वर्गों की घोर अनदेखी और उपेक्षा की व कुंभकरण की नीन्द सोते रहे। अब जिसका हिसाब-किताब का समय है। अगर बिहार की वर्तमान सरकार को इन वर्गों के हितों की इतनी ही चिन्ता थी तो उनकी सरकार अबतक क्यों सोई रही? जबकि इनको इस मामले में यूपी की बसपा सरकार से बहुत कुछ सीखना चाहिए था। अतः इन वर्गों से अनुरोध है कि वे श्री नीतीश सरकार के बहकावे में कतई न आयें।

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