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04 September 2020

कांग्रेस के संस्थापक ही नहीं बल्कि देश को आजादी दिलाने में भी था दादाभाई का बड़ा हाथ, पढ़िये यहां पर

 देश में अंग्रेजी शासन होनो की वजह से बहुत बड़े बड़े नेता मिले हैं। इसी के साथ ही इन नेताओं ने देश को आजाद कराने के लिए अपनी जान भी दाव पर लगाई है। इसी के साथ ही देश को जितनी बड़ी राजनैतिक पार्टीयां आज के टाइम में देश में मौजूद हैं वो सब इन्हीं की देन हैं। इसी के साथ ही आज देश की सबसे पहली राजनैतिक पार्टी कांग्रेस के सह-संस्थापक दादाभाई नौरोजी का जन्मदिवस है।

बता दें कि 4 सितंबर 1825 में बॉम्बे के पार्सी परिवार में पैदा हुए। दादाभाईनौजी का देश को ब्रितानी हुक़ुमत से आजादी दिलाने में बड़ा योगदान था। इसी के साथ ही दादाभाई को देश का सबसे पहला ‘द ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है। इसी के साथ ही बुद्धिजीवी और शिक्षाविद, अर्थशास्त्री, वतनपरस्त, समाज सुधारक और शिक्षक दादाभाई नौरोजी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में ए.ओ. ह्यूम, दिनशॉ एडुल्जी वाचा आदि प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कई अन्य महत्वपूर्ण संगठनों जैसे रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बॉम्बे और लंदन में ईस्ट इंडियन एसोसिएशन की स्थापना भी की। इतना ही नहीं दादाभाई देश के पहले ऐसे व्यक्ति थे जो ब्रिटिश सदन में मेंबर बने थे। इसी के साथ ही देश में आज अदर कपड़े की मिल हैं तो वो सब भी दादाभाईनौरोजी की बदोलत है।
देश ही नहीं दादाभाई पार्सी समाज की ओर भी ध्यान देते थे। इसी के साथ ही पार्सी समाज में सुधार किया था। सुधार के साथ-साथ पार्सी समाज में एक जुटता और उसी के साथ ही पार्सी लोगों को सामान अधिकार दिलाने के लिए भी आगे आए थे। बता दें कि एक लीडर होने के साथ ही दादाभाई एक अच्छे अर्थशास्त्री भी रहे चुके हैं। इसी के साथ ही 'Voice of India' नाम एक अखबार भी शुरु किया था जिसके तहत लोगों को जागरुक करने की कोशिश भी की थी।
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