मोदी सरकार ड्रग्स पर हटा सकती है प्रतिबंध! राजीव गांधी ने अमेरिका के दबाव में किया था बैन - Bollyycorn

Breaking

Bollyycorn

Bollywood-Hollywood-TV Serial-Bhojpuri-Cinema-Politics News, Gadgets News

24 September 2020

मोदी सरकार ड्रग्स पर हटा सकती है प्रतिबंध! राजीव गांधी ने अमेरिका के दबाव में किया था बैन

 

PM Modi Merijuana

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले में ड्रग्स एंगल आने पर CBI और ED के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी इसकी जांच कर रही है। पिछले दिनों रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) के चैट से खुलासा हुआ था कि रिया सुशांत को ड्रग्स देती थी। एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पूछताछ के बाद सामने आया कि बॉलीवुड में ज्यादातर सेलेब्स ड्रग्स में डूबे हुए हैं जो अब एनसीबी के निशाने पर हैं और उन्हें समन भेज दिया गया है। लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर ये ड्रग्स है क्या जिस पर इतना बवाल खड़ा हुआ है और इसे क्यों बैन किया गया है। चलिए इसी पर चर्चा करते हैं..

गांजा और भांग में अंतर
एक पौधे से दो तरह के नशे का सामान बनाया जाता है लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि एक नशा भारत में बैन है तो वहीं दूसरे नशे का सेवन धड़ल्ले से किया जाता है। हम बात कर रहे हैं कि भांग और गांजे (ड्रग्स) की। दोनों एक ही मैरिजुआना पौधे से बनाई जाती है लेकिन एक नशे को भगवान का प्रसाद माना जाता है और दूसरे को बैन किया गया है। भांग मैरिजुआना के पत्तियों से बनाई जाती है, जबकि गांजा को पौधे के फूलों और फूलों के पास की पत्तियों और तने को सुखाकर इससे गांजा बनाया जाता है।

कैसे करते हैं इस्तेमाल?
भांग को भगवान का प्रसाद माना जाता है। भगवान की पूजा के समय भांग के पत्तों को चढ़ाया जाता है। इसे शिवरात्रि वगैरह में ठंडाई या दूध में मिलाकर पिया जा सकता है। वहीं, मरिजुआना सूखाकर गांजा तैयार किया जाता है उसे सिगरेट रैप या फिर चिल्लम में सुलगाकर हवा के जरिए उसका नशा अपने अंदर खींचा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में  54 प्रतिशत लोग गांजे का सेवन धड़ल्ले से करते हैं। कई देशों में तो इस पर प्रतिबंध नहीं लगा है लेकिन भारत में इस ड्रग पर प्रतिबंध है जिसके चलते भारत में इसकी तस्करी होती है।

भारत में क्यों बैन है गांजा (ड्रग)
भारत में भांग को छोड़कर गांजा यानि ड्रग्स पर बैन लगाया गया है जिसके तहत 1 साल की सजा या फिर 10 हजार का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारत में भले ही गांजे पर बैन है, लेकिन इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है कि इससे देश को सबसे ज्यादा कमाई होती है और अगर बैन न होता तो इसके टैक्स को देश को खासी मुनाफा देखने को मिल सकता है। हालांकि, राजीव गांधी की सरकार ने साल 1985 में नारकोटिक्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटैंस एक्ट में भांग के पौधे (मैरिजुआना) के फल और फूल के इस्तेमाल को अपराध की श्रेणी में रखा था। बता दें कि भारत ही था जिसने 1961 में नारकोटिक्स ड्रग्स पर हुए सम्मेलन में मैरिजुआना को हार्ड ड्रग्स की श्रेणी में रखने का विरोध जताया था लेकिन अमेरिका के दबाव में आकर राजीव गांधी ने इस ड्रग्स पर बैन लगा था।

मोदी सरकार हटा सकती बैन 
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वे मनोवैज्ञानिक विकारों को ठीक करने के लिए मैरिजुआना पर लगे बैन को हटाया जाए या फिर उसके बैन को लेकर कोई नया कानून बनाया जाए। दरअसल, मैरिजुआना शारीरिक  और मानसिक हैल्थ के लिए काफी लाभकारी साबित हुआ है, जिसके चलते दुनियाभर के कई देशों ने इससे बैन हटा लिया है। इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले ग्रुप ऑफ मिनिस्‍टर्स एक ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार की है जिसके तहत उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में सरकार इस ड्रग पर बैन हटा सकती है। बता दें कि इससे बैन हटाने के बाद देश को टैक्स के जरिए 725 करोड़ रुपए का फायदा मिल सकता है।

गांजा हेल्थ के लिए कितना सही?
कई हैल्थ रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जाता है कि मैरिजुआना सेहत के लिए काफी लाभकारी होता है। ये मानसिक हेल्थ के लिए भी काफी उपयोगी होता है। भूख बढ़ाने के लिए, डायबिटीज, डायरिया, ज्वाइनडिस, पेन किलर और कैंसर के इलाज में ये फायदा पहुंचाता है। मैरिजुआना के इस्तेमाल से डिप्रेशन में भी काफी रिलीफ मिलता है लेकिन इसका लत एक बार होने पर बहुत मुश्किल से छूटता है।

गांजा से हानि 
कोई चीज अगर लाभकारी होती है तो वह कहीं न कहीं हानिकारक भी हो जाती है। गांजा को अगर दवा की तरह इस्तेमाल किया जाता है तो अपना अच्छा रूप भी दिखाता है लेकिन अगर इसे नशे और लत के रूप में इस्तेमाल करते हैं तो ये आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसका ज्यादा सेवन करने से आपकों सांस से जुड़ी समस्या आ सकती है, आपकी याद्दाश्त पर प्रभाव पड़ सकता है, साथ ही सामाजिक, काम और परिवार से आपका मन हटने लगता है। वहीं एक तरफ जहां ये कैंसर के लिए लाभकारी होता है तो वहीं इसका ज्यादा सेवन करने से आपको टेस्टिकुलर कैंसर भी हो सकता है।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए। इस पोस्ट को शेयर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए आप बॉलीकॉर्न.कॉम (bollyycorn.com) के सोशल मीडिया फेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम पेज को फॉलो करें।

No comments:

Post a Comment