पालथी मारकर बैठना क्यों होता है ज़रूरी? - Bollyycorn

Breaking

Bollyycorn

Bollywood-Hollywood-TV Serial-Bhojpuri-Cinema-Politics News, Gadgets News

06 September 2020

पालथी मारकर बैठना क्यों होता है ज़रूरी?

पालथी मारकर बैठने का जैसे चलन ही चला गया हो। आज गाँवों की ओर भी लोग पालथी मारकर नहीं बैठ रहे हैं। अब उनके घरों में दरी और गलीचा जैसी चीज़ों का चलन धीरे-धीरे एकदम से विलुप्त हो रहा है। ऐसे में शहरों की तो आप कल्पनी ही करना छोड़ दीजिए। जी हाँ, आपको बता दें कि पालथी मारकर बैठना हरेक के लिए बहुत ही ज़रूरी होता है, लेकिन अब लोगों में विलुप्त होता इसका चलन समाप्त सा हो रहा है, जो कि चिन्ता का विषय है।
ग़ौरतलब है कि कुर्सी या पंजों के बल पर ज़मीन पर बैठना आधुनिकता का प्रतीक भले ही माना जाये, लेकिन आध्यात्मविदों के अनुसार व्यक्ति की माली हालत कैसी भी हो उसे पालथी मारकर ही बैठना चाहिए। यह सुविधा और स्थित हर वक़्त नहीं मिलती है, पर पालथी मारकर बैठने से व्यक्ति का स्वास्थ्य. दिमाग़ और आत्मविश्वास मज़बूत होता है।
ये बात भी ग़ौर करने लायक है कि पालथी मारकर बैठने से व्यक्ति का स्वरूप मन्दिर की तरह बन जाता है और आकाश से उतरने वाली सूक्ष्म ऊर्जा सहस्त्रार चक्र के सहारे पूरे शरीर में घूम जाती है, इसकी तुलना में जब पैर धरती पर हों, तो शरीर की स्थिति तड़ित चालक जैसी हो जाती है और विद्युत ऊर्जा शरीर की यात्रा करती हुयी ज़मीन पर उतर जाती है। योगियों को सफ़लता मिलने की एक वजह भी मंदिर जैसी आकृति बनाकर साधना में बैठना है।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए। इस पोस्ट को शेयर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए आप बॉलीकॉर्न.कॉम (bollyycorn.com) के सोशल मीडिया फेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम पेज को फॉलो करें।

No comments:

Post a Comment