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24 September 2020

देश को दोबारा अपनी आगोश में ले रहा कोरोना, इस बार अधिक घातक

 

corona

पूरी दुनिया इस समय कोरोना महामारी का दंश झेल रहा है उसी के साथ हमारा देश पर भी कोरोना वायरस का संकट मंडरा रहा है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार और वैज्ञानिकों की नींद उड़ी हुई है, मगर कोरोना की रफ्तार में जरा सी भी कमी नहीं आई है। देश में अब तक कोरोना संक्रमण के केस 56 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं। इसी के साथ 90 हजार से ज्यादा लोगों ने इससे जान गँवा चुके हैं। वहीं एक कोरोना पहले से ज्यादा घातक होता जा रहा है। भारत सहित दुनिया के कई हिस्‍सों में कोविड-19 उन लोगों में भी दोबारा हो रहा है, जो इस संक्रमण का सामना कर चुके हैं। मगर इस बार बेहद घातक साबित हो रहा है। ऐसा एक शोध में सामने आया है।

असल में, कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मुंबई के चार स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को फिर से कोराना वायरस हो गया है। मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक उन्‍हें इस बार पहले भी ज्यादा गंभीर स्थिति के कोरोना संक्रमण हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चार में से तीन मरीज बीएमसी के नायर अस्‍पताल में स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी हैं। वहीं एक हिंदुजा हॉस्पिटल का भी है। यह शोध दोनों अस्‍पतालों के साथ मिलकर इंस्‍टीट्यूट ऑफ जिनोमिक्‍स एंड इंट्रिगेटिव बॉयोलॉजी और दिल्‍ली के इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्‍नोलॉजी ने मिलकर किया है। इस रिसर्च में 8 जीनोम में 39 म्‍यूटेशन मिले हैं।

डॉक्‍टर जयंती शास्‍त्री और ICGEB की डॉ. सुजाता सुनील के मुताबिक जिन चार स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को दोबारा कोरोना संक्रमण हुआ, उनकी हालत पहले से ज्यादा ही खराब थी। चारों की हालत बहुत नाजुक थी। डॉक्‍टर के मुताबिक कोरोना संक्रमण पहली बार में हल्‍का या बिना लक्षण वाला होता है मगर जब ये दूसरी बार होता है तो हालत बहुत गंभीर हो जाती है। कुछ ऐसा ही उन चारों स्‍वास्‍थ्‍यर्मियों के साथ हुआ है।

डॉक्‍टर के अनुसार कोरोना का दूसरी बार हुआ संक्रमण आरटी पीसीआर में सामने नहीं आता है। पूरे जीनोम सिक्‍वेंसिंग से ही इसका पता लगाया जा सकता है। लेकिन राहत वाली बात यह थी कि चारों ही स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों में दोबारा संक्रमण होने पर उनके लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्‍ट में सांस संबंधी तकलीफ बिलकुल नहीं हुई थी। इस शोध के माध्यम से कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने का मकसद था।

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