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29 September 2020

बिहार की राजनीति में इन 5 दबंगों का रहा बड़ा रोल, कानून का नहीं था डर, नाम सुनकर सहम जाते हैं लोग


बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly elections 2020) की तैयारी जोरो-शोरो से चल रही है. जब भी राजनीति की बात होती है तो बिहार का नाम जरूर आता है. जो खासकर दबंगो और बाहुबलियों के लिए जानी जाती है. अब राजनीति की बात की जाए और कर्पूरी ठाकुर से लेकर लालू यादव (Lalu Yadav) और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का नाम न आए, ये तो हो ही नहीं सकता. लेकिन इस लिस्ट को बिना डॉन, बाहुबलियों और अपराधियों के पूरा भी नहीं किया जा सकता है. क्योंकि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में इनका अहम रोल रहता है. जब भी बिहार की राजनीति सुर्खियों में आती है तो बाहुबालियों के नाम चर्चा बटोरने लगते हैं. नीतीश के प्रदेश में कई ऐसे बाहुबली सुर्खियों में रहे, जो अपने आपको राज्य की कानून व्यवस्था से कई गुना ज्यादा समझते थे. यहां तक कि इन लोगों के नाम मात्र से आम नागरिकों में दहशत बैठ जाती थी. आज हम आपको ऐसे ही पांच बाहुबलियों के बारे में बताने जा रहे हैं. जिनकी भूमिका बिहार की राजनीति में खासा देखने को मिली.

इस लिस्ट में सबसे पहले बात करते हैं, कई हत्याओं और अपराधों के आरोपी बाहुबली शहाबुद्दीन की. जो शिवान के स्थानीय निवासी हैं. लेकिन इन पर हत्या से लेकर कई गंभीर आरोप दर्ज हैं. जिसके चलते अब वो जेल की सलाखों के पीछे इन गुनाहों की सजा काट रहे हैं.
भले ही बाहुबली कैदी बन गए हैं. लेकिन लालू प्रसाद यादव के करीबी कहे जाने वाले शहाबुद्दीन के नाम से आज भी लोग कांप उठते हैं.

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर बात करते हैं बिहार के मोकामा में पैदा हुए सूरजभान सिंह की. सूरजभान का नाम अपराधों में काफी तेजी से आया और उन्होंने इतने गुनाहों को अंजाम दिया कि लोग उनके नाम से थर्रा उठते थे. रंगदारी से लेकर अपहरण और हत्या जैसे न जाने कितने अपराध उनके लिए आम बात थी.



हालांकि सूरजभान भी अपने इन्हीं गुनाहों की सजा उम्र कैद के रूप में काट रहे हैं. बता दें कि इस बाहुबली पर चुनाव लड़ने का प्रतिबंध भी लगा है.

इसके साथ ही लिस्ट में तीसरे नंबर पर साल 1990 में राजनीति में अपना पैर जमाने वाले बाहुबली आनंद मोहन का आता है. जो कोसी इलाके में अपनी दबंगई को लेकर खासा प्रसिद्ध थे. आनंद मोहन पर गोपालगंज के डीएम जी.

कृष्णैया के हत्या का आरोप लगा था. जिसके बाद उन्हें अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसी गुनाह में वो भी जेल में अपने दिन गिन रहे हैं.

इस लिस्ट में चौथे नंबर पर बिहार के बाहुबली अनंत सिंह का नाम आता है. जिन पर हत्या से लेकर रंगदारी और अपहरण के 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.

एक समय था जब वो नीतीश कुमार के खास आदमी कहे जाते थे. यहां तक कि उनकी राजनीति में काफी सक्रियता भी देखने को मिली.

आखिरी और पांचवे नंबर पर बात करते हैं पप्पू यादव (Pappu Yadav) की. जिनका नाम बिहार के बाहुबलियों में गिना जाता है. पप्पू यादव पर कई संगीन आरोप लग चुके है. यहां तक कि उन पर कई आपराधिक FIR भी दर्ज कराई गई है. कहते हैं कि पप्पू यादव एक समय में लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी कहे जाते थे. लेकिन अब उन्होंने अपनी अलग पार्टी का निर्माण कर लिया है.

पप्पू यादव की अपनी पार्टी का नाम जन अधिकार पार्टी है. वही इस पार्टी के अध्यक्ष भी हैं. आपको बता दें कि बिहार एक ऐसा राज्य है जो दबंगई के लिए काफी चर्चाओं में रहा है. यहां से कई ऐसे बाहुबली निकले हैं. जिनके नाम से लोगों में डर है. ऐसे में जब भी चुनाव का समय आता है, तो बिहार की राजनीति में दबंगई और गुंडागर्दी का जिक्र सबसे पहले होता है.

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