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26 September 2020

महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ीं 4 विवादित महिलाएं … इतिहास का छुपा पन्ना!

https://assets.roar.media/Hindi/2017/01/Mahatma-Gandhi-Relations-with-Other-Women-Historical-Controversy-in-Hindi.jpgअंग्रेजों की लंबी गुलामी के बाद जब देश आजाद हुआ तो इस आजादी का श्रेय तमाम क्रांतिकारियों के साथ मुख्य रूप से महात्मा गाँधी को दिया गया. इस महानायक द्वारा शुरू की गयी अहिंसक लड़ाई ने लाखों लोगों को जोड़ा. पर उनके जीवन से अनेक विवाद भी जुड़े रहे, जिसमें ‘ब्रह्मचर्य के प्रयोग’ का नाम मुख्य रूप से लिया जा सकता है. सरदार पटेल, नेहरू जैसे नेताओं ने गाँधी के इन प्रयोगों को ‘घोर अपराध’ तक कहा था तो भारी विरोध किया था. पर महात्मा गाँधी के कद और तमाम तर्कों के सामने तमाम नेताओं का विरोध बेमानी था.

देश के सबसे प्रतिष्ठित लाइब्रेरियन गिरिजा कुमार ने गहन अध्ययन और गांधी से जुड़े दस्तावेज़ों के रिसर्च के बाद 2006 में “ब्रम्हचर्य गांधी ऐंड हिज़ वीमेन असोसिएट्स” में डेढ़ दर्जन महिलाओं का ब्यौरा दिया है जो ब्रम्हचर्य में सहयोगी थीं और गांधी के साथ निर्वस्त्र सोती-नहाती और उन्हें मसाज़ करती थीं.

यहाँ, हम बात करेंगे गाँधी से जुड़ीं उन महिलाओं के बारे में जिनका नाम विवादों में रहा:

मनुबेन

मात्र 17 वर्ष के आयु की मनु महात्मा गाँधी की पर्सनल असिस्टेंट थीं. मनुबेन के नाम से मशहूर मृदुला गांधी उनके सबसे छोटे बेटे देवदास की बेटी थीं. मनु महात्मा गाँधी की हत्या होने तक लगातार उनके साथ रहीं. मनुबेन ने लगभग 40 वर्ष की उम्र में अविवाहित रहते हुए दिल्ली में गुमनामी में दम तोड़ा. कहा जाता है कि मनु महात्मा की सबसे करीबी महिलाओं में से एक थी. कई बार गांधी और उनके संबंधों को लेकर लोगों ने ऊँगली भी उठाई.

विभिन्न श्रोतों से बाहर आयी जानकारियों में यह तक सामने आया है था कि खुद देवदास गाँधी इस प्रकरण से बेहद दुःखी थे और उन्होंने अपनी बेटी को इन संबंधों के बारे में बाहर ज़िक्र करने से मना किया था. खुद मनुबेन की डायरी इस सम्बन्ध में बड़ा सबूत मानी जाती है तो महात्मा गाँधी ने अपने विभिन्न पत्रों में विवादित विषयों का ज़िक्र किया है.

28 दिसंबर,1946 को बिहार के श्रीरामपुर में दर्ज अपनी डायरी की प्रविष्टि में मनुबेन ने लिखा है, ‘‘बापू मेरी माता हैं. वे ब्रह्मचर्य के प्रयोगों के माध्यम से मुझे ऊंचे मानवीय फलक पर ले जा रहे हैं. ये प्रयोग चरित्र-निर्माण के उनके महायज्ञ के अंग हैं. इनके बारे में कोई भी उलटी-सीधी बात सबसे निंदनीय है.’’ हालाँकि, बाद में किसी अज्ञात बीमारी से मनुबेन की मृत्यु हो गयी थी, जिसके बारे में अनुमान लगाया जाता है कि बीते समय घटित हुए तमाम प्रकरणों से वह अवसाद में चली गयी थीं.


सुशीला नैयर

सुशीला गांधीजी के एक सचिव प्यारेलाल नैयर की बहन थीं. कहा जाता है कि वे बेहद खूबसूरत महिला होने के साथ सुशीला नैयर गाँधी जी की निजी चिकित्सक भी थीं और वे अपने बचपन से ही गांधी का ख्याल रखती थीं, उनकी देखभाल करती थीं. वे भी गांधीजी के ‘ब्रह्मचर्य के प्रयोगों’ में साथ देती थी. यहाँ तक कि महात्मा गांधी के उनके साथ नहाने और सोने तक का ज़िक्र आया है. बाद में सुशीला नैयर केंद्र सरकार में दो बार मंत्री भी बनीं थीं.

आभा

आभा गाँधी जी के पोते कनु भाई की पत्नी थीं. मात्र 18 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनों में वो गाँधी के साथ हिस्सा लेने लगी थीं. मनु के साथ आभा भी गाँधी की महिला सहायकों में से ही एक थीं और वो भी गाँधी की हत्या के समय मौक़ा-ए-वारदात पर मौजूद थी. गांधीजी के आश्रम में चलने वाले ‘ब्रह्मचर्य के प्रयोगों’ में हिस्सा लेने की वजह से इनका नाम भी गहरे विवादों में जुड़ा.

बीबी अम्तुस्सलाम

पटियाला के एक सेठ की बेटी ‘अम्तुस्सलाम’ पंजाबी मुस्लिम परिवार से सम्बन्ध रखने वालीं प्रभावशाली महिला थीं. अम्तुस्सलाम का नाम भी गाँधी के साथ जुड़ा. कहा जाता है कि अपने आश्रम में उनको ब्रह्मचर्य के प्रयोग का हिस्सा न बनाने से वो गाँधी जी से काफी नाराज हुईं थीं.

गाहे बगाहे ये आरोप उठते रहे हैं, लगते रहे हैं.

कुछ साल पहले लंदन के प्रतिष्ठित अख़बार “द टाइम्स” के मुताबिक गांधी को कभी भगवान की तरह पूजने वाली 82 वर्षीया गांधीवादी इतिहासकार कुसुम वदगामा ने कहा कि “गांधी को सेक्स की बुरी लत थी, वह आश्रम की कई महिलाओं के साथ निर्वस्त्र सोते थे.”

कुसुम ने आगे कहा था कि वह इतने ज़्यादा कामुक थे कि ब्रम्हचर्य के प्रयोग और संयम परखने के बहाने मनुबेन गांधी के साथ सोने लगे थे. ये आरोप बेहद सनसनीख़ेज़ थे, क्योंकि किशोरावस्था में कुसुम भी गांधी की अनुयायी रही थीं. जाहिर है कि हर किसी बात के कई पहलु होते हैं और महात्मा गाँधी के जीवन के बारे में भी यह विवाद किसी काले धब्बे की तरह इतिहास में शामिल रहेंगे.

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