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03 September 2020

नहीं रहे 16 हजार लोगों की हत्या करने वाले ‘जेलर’, क्रूरता की सभी हदें कर दी थीं पार

 

एक शख्स जिसने क्रूरता की सभी हदें पार कर दी और उसने एक नहीं दो नहीं बल्कि 16 हजार नागरिकों को यातना देकर मौत के घाट उतार दिया। ये शख्स कोई और नहीं बल्कि कंबोडिया (Cambodia) तानाशाह खमेर रूज (Dictator khmer rouge) के शासनकाल का पूर्व जेलर कियांग गुयेक इआव (Kaing Guek Eav) था जिसने 77 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कियांग को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसने आखिरी सांस ली। कियांग को उसकी क्रूरता के लिए आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा मिली थी।

नागिरकों की करता था हत्या
कियांग को डच भी कहा जाता है। तानाशाह खमेर रूज का प्रमुख जेलर था और उसके लिए वह काफी ईमानदार थी, लेकिन उसकी ये ईमानदारी बेहद क्रूर थी। खमेर के खिलाफ आवाज उठाने वाले हर कंबोडियाई नागरिकों को वह इतनी यातना देता था, कि उनकी मौत हो जाती थी।
kiang
कियांग ने ऐसे सौ-दो सौ नागरिक नहीं बल्कि 16 हजार नागरिकों की हत्या की थी। उसके इसी क्रूरता की वजह से उसे युद्ध अपराधी घोषित कर दिया गया था।

खमेर का आदेश और क्रूरता की हदें पार
1970 के दशक में तानाशाह खमेर के एक आदेश पर उसने क्रूरता की सभी हदें पार कर दी थी। इस युद्ध में करीब 17 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। वहीं कई विद्रोहियों को यातना देकर जेलर कियांग ने मार डाला था।
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उसने करीब 16 हजार नागरिकों को मारा था जो उस वक्त कंबोडिया का 25 प्रतिशत थे। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र समर्थित न्यायाधिकरण ने साल 2009 में कियांग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

सांस लेने में थी तकलीफ
जानकारी के मुताबिक, साल 2009 में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद 2013 में उसे कंदाल प्रांतीय जेल भेजा गया था। कंदाल प्रांतीय जेल में उसकी हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही थी। बता दें कि कियांग खमेर शासनकाल का पहला अधिकारी था जिसे कारावास की सजा सुनाई गई थी।

राजधानी नोम पेन्ह में ट्रिब्यूनल के एक प्रवक्ता ने डच की मौत की खबर बताई। हालांकि वजह बताए बिना उन्होंने कहा कि वह कई दिनों से बीमार थे।

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