Research: ध्यान करने से बनता है शरीर के बाहर एक अद्भुत अदृश्य कवच - Bollyycorn

Breaking

Bollyycorn

Bollywood-Hollywood-TV Serial-Bhojpuri-Cinema-Politics News, Gadgets News

05 August 2020

Research: ध्यान करने से बनता है शरीर के बाहर एक अद्भुत अदृश्य कवच

ध्यान करना भारत की अति प्राचीन परंपरा रही है। यहाँ सदियों से लेकर आज तक लोग ध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर रखते हैं। वास्तव में ध्यान करने से हमारा शरीर एक चक्र के भीतर समा जाता है या फिर यूँ कहें कि अपने शरीर के भीतर एक चक्र का निर्माण कर लेता है। हालांकि इस बात को अब तक लोग समेकित रूप से कम ही मानते आये हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। जी हाँ, आपको बता दे कि ध्यान से व्यक्ति के इर्द-गिर्द एक अदृश्य कवच बनता, इस बात को तथ्य के रूप में अब विज्ञान भी मानने लगा है।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ. हर्बर्ट वेनसन का कहना है कि 20 मनिट तक प्रतिदिन ध्यान करने से शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति रोग और तनाव से मुक़ाबला करने लगता है।
शोध कार्य के दौरान हृदय तंत्र की कार्य विधि और संवेगों के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन करते हुए वे ध्यान की ओर आकर्षित हुये। उन्होंने अपने सहयोगी डॉ. वैलेस और उनकी टीम के साथ 1,862 व्यक्तियों का परीक्षण किया, जो कि नियमित ध्यान किया करते थे। उन्होंने लिखा है कि ध्यान के कारण व्यक्ति की त्वचा में अवरोध क्षमता की वृद्धि होती है।
आपको बता दें कि इसी तरह का प्रयोग लंदन के मॉडस्ले अस्पताल तथा इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइक्रिएट्री के डॉ. पीटर फ़ेन्विक ने भी किया है। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘मेडिटेशन एंड साइंस’ में लिखा है कि उनहोंने ऐसे कुछ व्यक्तियों के मस्तिष्क की विद्युत क्रिया की जाँच की है, जो कि कम से कम एक वर्ष से ध्यान का नियमित अभ्यास कर रहे थे।
ग़ौरतलब है कि मस्तिष्क तरंगों की रिकॉर्डिंग में ध्यान के समय स्पष्ट परिवर्तन नोट किये गये हैं। दिलचस्प है कि इन तरंगों से जो तागजी मिलती है, उससे शरीर और मन बाहरी प्रतिकूलताओं को सहने लायक सामर्थ्य जुटा लेता है।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए। इस पोस्ट को शेयर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए आप हमें सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर को फॉलो करें।

No comments:

Post a Comment