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31 August 2020

रूस और अमेरिका के फाइटर जेट्स आए आमने सामने, बढ़ा तनाव


रूस और अमेरिका के बीच तनाव पिछले काफी लम्बे वक़्त चल रहा है, इस बीच दुनिया की धकड़ने तब बढ़ गईं जब खबर सामने आई कि रूस के सुखोई-27 फाइटर जेट्स ने पूर्वी यूरोप (Eastern Europe) के नजदीक काला सागर के ऊपर अमेरिकी परमाणु बमवर्षक विमानों B-52 को चारों ओर से घेर लिया। इसकी सूचना जैसे ही नाटों देशों को मिली अफरा-तफरी मच गई। अमेरिका नाटों के सदस्य है जिसने रूस के साथ बढ़ते हुए तनाव जो देखते हुए अपने 6 B-52 परमाणु बमवर्षकों विमानों को ब्रिटेन में तैनात किया था। यही जेट्स कला सागर के ऊपर गश्त कर रहे थे जिन्हे रूस के फाइटर जेट्स ने घेर लिया था। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमे नजर आ रहा है कि अमेरिका के विमान के बेहद करीब रूसी विमान आ गए थे। जिसके बाद वो अमेरिकी विमान के आगे से निकल गए। वहीं एक दूसरे वीडियो में दिखाई दे रहा है कि रूसी विमान अमेरिकी विमान की नोज तक आ गए थे।

रूस ने भी नाटों देशों की किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए क्रीमिया में बड़े पैमाने पर फाइटर जेट्स तैनात कर रखें हैं। जो काला सागर पर निगरानी रखते हैं। बीते शुक्रवार को जैसे ही रूस को कला सागर के आसमान पर हलचल दिखी तुरंत रुसी फाइटर जेट्स ने उड़ान भरते हुए अमेरिकी जेट को घेर लिया। गौरतलब है कि बेलारूस में जनता के विद्रोह के बाद अब नाटो देशों और रूस के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। बेलारूस के राष्‍ट्रपति अलेक्‍जेंडर लुकाशेन्‍को को रूस ने अपना समर्थन दिया है।

जिसके बाद नाटो देश राष्ट्रपति का विरोध कर रहे हैं। राष्‍ट्रपति अलेक्‍जेंडर लुकाशेन्‍को लगभग 26 वर्ष से सत्ता में हैं अब उन्होंने नाटो देशों पर आरोप लगते हुए कहा है कि वो उनके देश का बंटवारा कराना चाहता हैं। तनाव को देखते हुए ही अमेरिका ने अपने 6 B-52 बमवर्षक विमान ब्रिटेन भेजे हैं। जो करीब 120 मिसाइलों से लैस होते हैं जिसमे परमाणु हथियार भी शामिल है।

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