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26 August 2020

ऑस्ट्रेलिया का खुलासा, 5 सालों से जैविक हथियार बनाने में जुटे हैं चीन और पाकिस्तान

पूरी दुनिया के नाक में अपने नापाक करतूतों से दम करने वाले पाकिस्तान और चीन अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं। अभी-भी इनके हालिया रूख इस बात की ओर इशारा करते हुए नजर आ रहे हैंं कि ये किसी बड़े नापाक मंसूबों को धरातल पर उतारने की कोशिश में जुटे हैं। चीन और पाकिस्तान के इस खौफनाक रूख का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाइ वेबसाइट द क्लाक्सोन ने किया है। द क्लाक्सोन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पाकिस्तान और चीन की सेना ने आपस में करार किया हुआ है। इस डील के तहत वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में संभावित जैविक हथियारों को विकसित करने का समझौता भी शामिल है। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि वुहान स्थित लैब पाकिस्तान के साथ साल 2015 से ही खतरनाक बैक्टीरिया-वायरस पर प्रयोग कर रही है।

इस संदर्भ में सभी तथ्यों का खुलासा किया गया है। इस स्टडीज को  साइंटिफिक पेपर्स में भी प्रकाशित किया गया है। इन सभी स्टडीज में zoonotic pathogens यानी पशुजन्यरोग की खोज और लक्षणों के बारे में चर्चा की गई है।zoonotic pathogens एक ऐसा वायरस है, जो जानवरों से इंसान में फैलता है। इन पांचों स्टडीज में कई घातक और संक्रामक बीमारियों के जीनोम सिक्वेंसिंग के बारे में भी लिखा है। ये बीमारियां हैं- वेस्ट नाइल वायरस (West Nile Virus), मर्स कोरोना वायरस (MERS-Coronavirus), क्रिमियन-कॉन्गो हेमोरेजिक फीवर वायरस (Crimean-Congo Hemorrhagic Fever Virus), द थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम वायरस (Thrombocytopenia Syndrome Virus) और चिकनगुनिया वायरस (Chikungunya Virus) जैसे वायरस का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है।

वहीं एक रिसर्च के मुताबिक, पाकिस्तान ने वुहान इंस्टीट्यूट को वायरस संक्रमित सैल्स मुहैया कराने के लिए शुक्रिया अदा किया है। इसके साथ ही रिसर्च को CPEC के तहत मिले सहयोग का भी खुलासा किया गया है। हजारों की संख्या में पाकिस्तानी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का ब्लड सैंपल लिया गया है। माना जा रहा है कि इसमे अधिकांश वे लोग  शामिल हैं, जो जानवरों के साथ काम करते थे। ऑस्ट्रेलिया वेबसाइट के मुताबिक, यह संक्रमण बीमारियों के शोध की आड़ में जैविक हथियारों के लिए रिसर्च कर रहे हैं। 

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