पुलवामा 2 की तैयारी कर रहे थे आतंकी, बालाकोट एयरस्ट्राइक से डरे मसूद अजहर ने रुकवाया - Bollyycorn

Breaking

Bollyycorn

Bollywood-Hollywood-TV Serial-Bhojpuri-Cinema-Politics News, Gadgets News

26 August 2020

पुलवामा 2 की तैयारी कर रहे थे आतंकी, बालाकोट एयरस्ट्राइक से डरे मसूद अजहर ने रुकवाया

पिछले साल 2019 के फरवरी माह में हुए जम्मू पुलवामा हमले में सेना के 44 जवान शहीद होने की खबर सामने आई थी। जिसके बाद पूरे देश में शोक का माहौल बन गया था। एक तरफ जहां देश में वैलेंटाइन दिवस मनाया जा रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय जवानों ने देश के लिए बलिदान दे दिया। पुलवामा में हुए इस आत्मघाती हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया है। (NIA) ने पुलवामा आतंकवादी हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के मामले में मंगलवार को जम्मू में विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। इसमें आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर समेत 19 लोगों के नाम हैं। NIA द्वारा भेजा गया आरोप पत्र में खुलासा हुआ है, कि इस पूरे हमले का मास्टमाइंड आतंकी मसूद अजहर था। जिसके कहने पर यह IED ब्लास्ट करवाया गया था। एजेंसी द्वारा दायर 13,500 पन्नों के इस आरोप पत्र में पूरी गुत्थी को सुलझाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ऐसे ही एक और हमले को अंजाम देने की पूरी तैयारी कर ली थी। कार, फिदायीन सबकी व्यवस्था कर ली गई थी, लेकिन इसी बीच भारतीय वायुसेना ने बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग सेंटर पर बम बरसा दिए।

सूत्र ने बताया कि भारत की आक्रामकता और पाकिस्तान पर पड़े अंतरराष्ट्रीय दबाव के डर से मसूद अजहर ने तुरंत उमर फारूख को मैसेज किया और दूसरे हमले को रोकने को कहा। नहीं तो किसी और फिदायीन हमले का शिकार भारत हो जाता।

बता दें कि उमर फारूख मसूद अजहर का भतीजा और IC-814 हाइजैकिंग में शामिल रहे इब्राहिम अतहर का बेटा है, जो पुलवामा हमले के डेढ़ महीने बाद ही एनकाउंटर में मारा गया था। आरोप पत्र में अजहर के अलावा अलग-अलग

मुठभेड़ में मारे गए सात आतंकवादियों, चार भगोड़ों का नाम शामिल है। इनमें से दो भगोड़े अब भी जम्मू-कश्मीर में छिपे हुए हैं, जिनमें एक स्थानीय निवासी और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल है।

अधिकारियों ने कहा कि NIA ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार आतंकवादियों तथा उनसे सहानुभूति रखने वालों के बयानों की मदद से इस पेचीदा मामले की गुत्थी सुलझाई है।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए। इस पोस्ट को शेयर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए आप बॉलीकॉर्न.कॉम (bollyycorn.com) के सोशल मीडिया फेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम पेज को फॉलो करें।

No comments:

Post a Comment