श्राद्ध से शक्ति पाते हैं पूर्वज, पितृ पक्ष 1 सितंबर से प्रारम्भ - Bollyycorn

Breaking

Bollyycorn

Bollywood-Hollywood-TV Serial-Bhojpuri-Cinema-Politics News, Gadgets News

25 August 2020

श्राद्ध से शक्ति पाते हैं पूर्वज, पितृ पक्ष 1 सितंबर से प्रारम्भ

श्राद्ध की मूल कल्पना वैदिक दर्शन के कर्मवाद व पुनर्जन्मवाद पर आधारित है। यह सिलसिला जीवात्मा की मुक्ति तक लगातार जारी रहता है। इसीलिए उनकी तृप्ति व संतुष्टि के लिए श्राद्ध आवश्यक है। श्राद्धों में प्रार्थना करनी चाहिए कि प्रतिक्षारत पूर्वजों को मोक्ष मिले। आपको बता दें कि अश्विन महीने का कृष्ण पक्ष पितरपक्ष के रूप में विख्यात है। इसका अभिप्राय पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने. उन्हें जलांजलि देकर मृत्युतिथि पर सामर्थ्य के अनुसार श्रद्धापूर्वक श्राद्ध करके पितृऋण चुकाने से है।

ग़ौरतलब है कि पितृपक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से अश्विन अमावस्या तक का समय जिसमें पितरों का प्रभुत्व होता है, में श्राद्ध करने से कर्ता पितृऋण से मुक्त होता है, इससे पितर संतुष्ट होते हैं और श्राद्धकर्ता को आयु, संतान, धन, स्वर्ग, राज्य, मोक्ष व अन्य सुख प्रदान कर उसका व उसके परिवार का कल्याण करते हैं।
ये बात भी ग़ौर करने लायक है कि इस प्रथा के दार्शनिक आधार की पहली मान्यता मनुष्य में आध्यात्मिक तत्व की अमरता है। आत्मा किसी सूक्ष्म शारीरिक आकार में प्रभावाित होती है और इस आकार के माध्यम से ही आत्मा का संसरण संभव है। असंख्य जन्ममरणोपरांत आत्मा पुनरावृत्ति से मुक्त हो जाती है। यद्यपि आत्मा के संसरण का मार्ग पूर्वकर्मों द्वारा निश्चित होता है तथापि वंशजों द्वारा संपन्न श्राद्धक्रियाओं का माहात्म्य भी इसे प्रभावित करता है।
ये हैं इस बार श्राद्ध की तिथियांः
01 सितंबर- पूर्णिमा श्राद्ध
02 सितंबर- प्रतिपदा
03 सितंबर- द्वितीया
04 सितंबर- तृतीया
05 सितंबर- चतुर्थी
06 सितंबर- पंचमी, महा भरणी
07 सितंबर- षष्ठी
08 सितंबर- सप्तमी
09 सितंबर- अष्टमी
10 सितंबर- नवमी
11 सितंबर- दशमी
12 सितंबर- एकादशी
13 सितंबर- द्वादशी
14 सितंबर- त्रयोदशी
15 सितंबर- चतुर्दशी
16 सितंबर- सर्वपित्र अमावस्या

आपको ये पोस्ट कैसी लगी नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए। इस पोस्ट को शेयर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए आप बॉलीकॉर्न.कॉम (bollyycorn.com) के सोशल मीडिया फेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम पेज को फॉलो करें।

No comments:

Post a Comment