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25 June 2020

यहां पिछले 100 सालों से दवाइयों से नहीं आग से किया जा रहा है इलाज, जानकर दंग रह जाएंगे आप

जब कभी-भी आप बीमार पड़ते हैं तो आप इलाज के लिए दवाइयों पर आश्रित होते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है! एक ऐसी जगह, जहां इंसानों का इलाज दंवाइयों से नहीं किया जाता है। एक ऐसी पद्धति है, जिसके मुताबिक, इंसानों का इलाज दवाइयों से नहीं होता है। तो अब सवाल ये उठता है कि आखिर उनका इलाज किया कैसे जाता है?

आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे यहां पर इंसानों का इलाज आग से किया जाता है। जी हां.. बिल्कुल ठीक पढ़ा आपने। इंसानों का इलाज दवाइयों से नहीं बल्कि आग से किया जाता है। इतना ही नहीं, इससे भी ज्यादा यहां हैरान करने वाला ये है कि इस पद्धति का इस्तेमाल पिछले 100 सालों से हो रहा है। आपकी बीमारी चाहे छोटी हो या बड़ी हर एक बीमारी का एकमात्र इलाज है आग।

आग हर एक बीमारी को दूर करने के लिए बिल्कल मुफीद है, यहां पर। अब हम आपको बता दें कि वो जगह चीन है, जहां पर इंसानों का इलाज आग से किया जाता है। इसे ‘आग थरैपी’ के नाम से जाना जाता है। चीन में इस विधि को ‘झांग फेंगाओं’ के नाम से जाना जाता है। आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे की चीन में कुछ बीमारियों के लिए आग निहायत मुफीद माना जाता है, जैसे तनाव, अवसाद, बदहजमी और बांझपान, इन सभी बीमारियों के इलाज के लिए आग बिल्कुल मुफीद है।

इसका प्रयाोग कैसे किया जाता ?

चीन में ‘झांग फेगाओ’ का इस्तेमाल कुछ इस तरह से किया जाता है। पहले मरीज के पीठ पर जड़ी बुटियों का कुछ लेप लगाया जाता है और उसे एक तोलिए से ढ़ंक दिया जाता है। और फिर उस पर पानी और एल्कोहल का छिड़काव किया जाता है और फिर मरीज के शरीर ऊपर आग लगा दी जाती है। इस विधि के अन्तर्गत मरीजों का इलाज ठीक ऐसे ही किया जाता है। दरअसल, इस विधि की मान्यता चीन की प्राचीन रवायतों पर आधारित है। इन मान्यताओं के अनुसार, इंसान के शरीर में गर्मी और ठंडी के बीच में तालमेल बैठाया जाता है। ‘झांग फेगाओ’ के मुताबिक, शरीर के उपरी सतह को गर्म करके अंदर की ठंडक दूर की जाती है।

इसे लेकर कई सवाल भी खड़े हो चुके हैं

यहां हम आपको बात दें कि आग से इलाज करने के लिए कुछ शर्त है, जिसका पालन करना होता है, जैसे इलाज करने वाले व्यक्ति के पास प्रमाणपत्र है कि नहीं। इलाज के दौरान मान लीजिए, अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो उससे बचने के लिए कोई रास्ता है की नहीं। इस बीच, इलाज करने वाले कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा करने से कुछ लोग झुलस भी जाते हैं, लेकिन अगर सभी सावधानियों को बरता जाए तो इन तमाम नुकसानों से बचा जा सकता है।

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